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हिमालय में मिला 60 करोड़ साल पुराना महासागर, भारत-जापान के वैज्ञानिकों ने की समुद्री पानी की खोज

Himalayas: भारतीय और जापानी वैज्ञानिकों ने हिमालय में करीब 60 करोड़ साल पुराने समुद्री पानी की बूंदों की खोज की है। समुद्री पानी की ये बूंदें खनिज भंडारों के बीच थीं, जो संभवतः प्राचीन महासागर की हो सकती हैं। यह ऐतिहासिक खोज इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस और जापान की निगाता यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने की है। वैज्ञानिकों का मानना है कि 70 से 50 करोड़ साल पहले, पृथ्वी बर्फ की मोटी चादरों से ढकी थी

Akhileshअपडेटेड Jul 28, 2023 पर 7:46 PM
हिमालय में मिला 60 करोड़ साल पुराना महासागर, भारत-जापान के वैज्ञानिकों ने की समुद्री पानी की खोज
Himalayas: हिमालय पर्वत श्रृंखला में 60 करोड़ साल पुराने प्राचीन काल के एक समुद्र की खोज की गई है

भारतीय और जापानी वैज्ञानिकों (Indian and Japanese Scientists) ने हिमालय (Himalayas) में करीब 60 करोड़ साल (600 Million Years Old) पुराने समुद्री पानी (Sea Water) की बूंदों की खोज की है। समुद्री पानी की ये बूंदें खनिज भंडारों के बीच थीं, जो संभवतः लगभग 600 मिलियन साल पहले वहां मौजूद एक प्राचीन महासागर (Ocean) की हो सकती हैं। यह ऐतिहासिक खोज इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc) और जापान की निगाता यूनिवर्सिटी (Niigata University in Japan) के वैज्ञानिकों ने की है। बेंगलुरु स्थित IISc ने गुरुवार को एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी।

बयान के अनुसार जमाओं के विश्लेषण से पता चला है कि वहां कैल्शियम (Calcium) और मैग्नीशियम कार्बोनेट (Magnesium Carbonates) दोनों थे। इसमें आगे कहा गया है कि इसके विश्लेषण से टीम को उन संभावित घटनाओं की जानकारी मिली जिनके कारण पृथ्वी के इतिहास में एक बड़ी ऑक्सीजनिकरण की घटना हुई होगी।

बयान के अनुसार, वैज्ञानिकों का मानना है कि 70 से 50 करोड़ साल पहले, पृथ्वी बर्फ की मोटी चादरों से ढकी थी। बयान में कहा गया है कि इसके बाद पृथ्वी के वायुमंडल में ऑक्सीजन की मात्रा में वृद्धि हुई जिससे जटिल जीवन रूपों का विकास हुआ।

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