Sholay...एक ऐसी मूवी, जिसके बारे में कहा जाता है कि किसी से यह नहीं पूछा जाता कि आपने इसे देखा है या नहीं, बल्कि यह पूछा जाता है कि आपने इसे कितनी बार देखा है। अब अगर कोई कहे कि उसने शोले एक बार भी नहीं देखा है तो हैरान होना स्वाभाविक है। भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी और सबसे अधिक प्रभावी फिल्मों में शुमार इस मूवी को जब पेटीएम के मालिक विजय शेखर शर्मा (Vijay Shekhar Sharma) ने नहीं देखने का दावा किया तो ट्विटर पर इसकी चर्चा होने लगी। एक यूजर ने तो यहां तक कह दिया कि पेटीएम के मालिक को एक ब्रेक लेकर मूवीज देखने की जरूरत है यानी लॉन्ग मूवी मैराथन ब्रेक।
एक यूजर ने 10 मूवीज की लिस्ट पेश की और लिखा कि हिंदी सिनेमा के इतिहास में 1975 को आमतौर पर गोल्डेन वर्ष के रूप में देखा जाता है जिसमें कुछ सबसे बड़े ब्लॉकबस्टर्स रिलीज हुए। इन दस मूवीज में शोले, मौसम, आंधी, जूली, चुपके चुपके, दीवार, मिली, जय संतोषी मां और खेल खेल में हैं। इसमें यूजर ने आगे पूछा कि वर्ष 1975 को याद करने के लिए वह किसी मूवी को चुनना पसंद करेंगे। इस पर पेटीएम के मालिक विजय शेखर शर्मा ने रिप्लाई किया कि उन्होंने इनमें से कोई नहीं देखा है, यहां तक कि शोले भी नहीं। फिर तो इस पर यूजर्स ने काफी कुछ प्रतिक्रियाएं दीं।
कैसी रही यूजर्स की प्रतिक्रिया
पेटीएम के फाउंडर विजय शेखर शर्मा के इस जवाब पर एक यूजर ने लिखा कि वह जिंदगी में कुछ सॉलिड मिस कर रहे हैं। वहीं एक यूजर ने लिखा है कि उन्हें लिस्ट की सभी मूवीज देखनी चाहिए क्योंकि ये सभी क्लासिक्स हैं। एक यूजर ने लिखा है कि आपको एक लंबे मूवी मैराथन ब्रेक की सख्त जरूरत है। एक यूजर ने हल्के-फुल्के मूड में लिखा है कि अब ऐसा मत बोल देना कि सूर्यवंशम भी नहीं देखी।