New Year Big Gift: नए साल पर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार गरीबों को बड़ा तोहफा देने जा रही है। केंद्र ने देश में गरीबों को दो करोड़ और घर देने के लिए घरेलू सर्वेक्षण शुरू करने का फैसला किया है। अधिकारियों ने बताया कि सर्वे का काम अगले तीन महीनों में 31 मार्च, 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा। गरीबों को पक्का घर देना 2024 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) का एक प्रमुख चुनावी वादा था। CNN-News18 के मुताबिक, गरीबों को घर देने के लिए सर्वे कराने वास्ते केंद्र की तरफ से राज्यों को एक विज्ञप्ति जारी कर दी गई है। CNN-News18 के पास इस संबंध में 27 दिसंबर को सभी राज्यों को भेजे गए केंद्र के विज्ञप्ति की एक कॉपी मौजूद है।
सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भेजे गए केंद्र के विज्ञप्ति में कहा गया है, "पात्र परिवारों की पहचान के लिए Awaas+ 2024 ऐप का उपयोग करके सर्वेक्षण शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इसलिए मैं आपसे आग्रह करता हूं कि कृपया अपने राज्य/केंद्र शासित प्रदेश में संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर घरेलू सर्वेक्षण शुरू करने का निर्देश दें। सुनिश्चित करें कि यह सर्वेक्षण अगले तीन महीनों के भीतर 31 मार्च, 2025 तक पूरा हो जाए... कोई भी पात्र परिवार छूटना नहीं चाहिए।"
अधिकारियों ने कहा कि पीएम आवास (शहरी) योजना के तहत एक करोड़ और घरों के लिए सर्वेक्षण शुरू हो चुका है। बीजेपी ने 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए अपने घोषणापत्र में पीएम आवास योजना के तहत तीन करोड़ और घर बनाने का वादा किया था। इनमें से दो करोड़ देश के ग्रामीण इलाकों में और एक करोड़ घर शहरी केंद्रों में होंगे। मोदी सरकार ने घोषणापत्र में कहा था कि उसने पहले दो कार्यकालों में इस योजना के तहत चार करोड़ घर पहले ही पूरे कर लिए हैं। 2016 से पीएम आवास योजना को बीजेपी के लिए एक बड़ा गेम-चेंजर माना जा रहा है। तीन करोड़ अतिरिक्त घरों को पूरा करने का लक्ष्य 31 मार्च, 2029 है।
Awaas+ 2024 मोबाइल एप्लीकेशन पर फेस ऑथेंटिकेशन का उपयोग करके लोगों को सेल्फ सर्वे करने का विकल्प दिया गया है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने पहले ही सर्वेक्षणकर्ताओं को रजिस्ट्रेशन कर लिया है। साथ ही आवास+2024 मोबाइल एप्लीकेशन का उपयोग करके उन्हें ग्राम पंचायतों से जोड़ दिया है। राज्यों को लिखे गए केंद्र के पत्र में कहा गया है, "इसके अलावा, सभी पात्र लाभार्थियों की व्यापक कवरेज और समावेशन सुनिश्चित करने के लिए यह एप्लीकेशन नागरिकों को फेस-आधारित सर्टिफिकेशन का उपयोग करके स्वयं सर्वेक्षण करने में सक्षम बनाता है।"
आवास+ मोबाइल एप्लीकेशन को प्रधानमंत्री मोदी ने 17 सितंबर, 2024 को भुवनेश्वर में लॉन्च किया था। इस एप्लीकेशन का उद्देश्य पीएम आवास योजना के दिशा-निर्देशों के आधार पर योजना के तहत लाभ के लिए पात्र अतिरिक्त ग्रामीण परिवारों की पहचान करना है। एप्लीकेशन का उद्देश्य आवास सहायता के लिए अतिरिक्त वंचित परिवारों की पहचान और समावेशन को सरल बनाना है। यह एक अत्याधुनिक पहल है जिसका उद्देश्य घरेलू सर्वेक्षण के लिए एक व्यापक AI-सक्षम फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक-आधारित एप्लीकेशन के माध्यम से पात्र लाभार्थियों की पहचान करना है। नागरिक सेल्फ सर्वे के उद्देश्य से आधार-आधारित eKYC भी करेंगे।