सरकार की तरफ से मंगलवार को जारी एक आदेश में कहा गया है कि कंपनियां हर घर तिरंगा अभियान (Har Ghar Tiranga abhiyan) से जुड़ी गतिविधियों के लिए अपनी कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) निधि का इस्तेमाल कर सकती हैं। आपको बता दें कि यह अभियान सरकार द्वारा आजादी का अमृत महोत्सव के हिस्से के रूप में आयोजित किया जा रहा है।
सरकार के मुताबिक, हर घर तिरंगा अभियान इसलिए शुरू की गई है ताकि लोगों को राष्ट्रीय ध्वज घर लाने और भारत की आजादी के 75वें वर्ष को प्रदर्शित करने के लिए इसे फहराने के वास्ते प्रोत्साहित किया जा सके। कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत, कुछ वर्ग की लाभदायक कंपनियों को कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी गतिविधियों के लिए अपने तीन साल के वार्षिक औसत शुद्ध लाभ का कम से कम दो प्रतिशत खर्च करना आवश्यक है।
कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने एक आदेश में कहा कि इस अभियान का उद्देश्य लोगों के दिलों में देशभक्ति की भावना जगाना और भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देना है। इसमें आगे कहा गया है कि इस अभियान से संबंधित गतिविधियों के लिए सीएसआर फंड का खर्च जैसे बड़े पैमाने पर उत्पादन और राष्ट्रीय ध्वज की आपूर्ति, पहुंच और प्रवर्धन प्रयास और अन्य संबंधित गतिविधियां योग्य सीएसआर गतिविधियां हैं।
स्वतंत्रता दिवस पर 20 करोड़ घरों पर फहराया जाएगा तिरंगा
केंद्र सरकार के 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत स्वतंत्रता दिवस पर अगले महीने तीन दिनों तक देश भर में 20 करोड़ से अधिक घरों पर तिरंगा फहराया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपालों और प्रशासकों के साथ 'आजादी का अमृत महोत्सव' के तहत किए जाने वाले अभियान की तैयारियों की समीक्षा की थी।
हर घर तिरंगा कार्यक्रम के तहत 13 से 15 अगस्त तक जनभागीदारी से घरों के ऊपर तिरंगा फहराया जाएगा और सरकारी एवं निजी प्रतिष्ठान भी इसमें शामिल होंगे। एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अमित शाह ने कहा कि 22 जुलाई से सभी राज्य सरकारों की वेबसाइट के होमपेज पर राष्ट्रीय ध्वज दिखाई देना चाहिए।
गृह मंत्री ने कहा कि नागरिकों को भी अपने फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर और अन्य सोशल मीडिया अकाउंट पर तिरंगा प्रदर्शित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। शाह ने कहा कि लोगों को तिरंगे के साथ एक सेल्फी भी लेनी चाहिए और इसे संस्कृति मंत्रालय की वेबसाइट पर अपलोड करना चाहिए।