Health Tips: थायराइड के मरीजों के लिए ये तेल हैं रामबाण, जानिए कैसे करें इस्तेमाल

Health Tips: थायराइड हार्ट रेट समेत शरीर के फंक्शन को समान्य रखने का काम करता है। वहीं जब इसमें असंतुलन की स्थिति बनती है तो हार्ट रेट बढ़ जाती है। यह ग्रंथि सही तरीके से काम करे। इसके लिए शरीर को पोषक तत्वों की जरूरत होती है। वहीं अगर आप थायराइड की समस्या से जूझ रहे हैं तो हम कुछ ऐसे तेल बता रहे हैं। जिनका इस्तेमाल कर सकते हैं

अपडेटेड Jan 15, 2023 पर 3:54 PM
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हाइपर और हाइपो दोनों ही तरह के थायराइड में शरीर में फ्री रैडिकल्स बनने लगते हैं। जिससे शरीर को नुकसान होता है

Health Tips: थायराइड (Thyroid) की बीमारी आज के समय में दुनियाभर में बहुत सामान्य समस्या है। हमारे देश में भी थायराइड के मरीज दिनों दिन बढ़ते जा रहे हैं। इस बीमारी के चपेट में सबसे ज्यादा महिलाएं हैं। थायराइड एक हार्मोन नियामक (hormone regulator) ग्रंथि होती है। इसमें असंतुलन होने से हार्मोन का जरूरत से ज्यादा या कम उत्पादन होन लगता है। जिससे लोगों को थायराइड की समस्या का सामना करना पड़ता है। ऐसे में थायराइड से छुटकारा पाने के लिए हम आपको कुछ ऐसे तेल के बारे में बता रहे हैं। जो आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं। बता दें कि थायराइड दो तरह का होता है।

थायराइड हार्मोन्स का स्राव जब हमारे शरीर में बहुत कम हो जाता है तो हमें हाइपो थाइरॉइडिज्म नामक बीमारी हो जाती है। वहीं, अगर थायराइड हार्मोन्स का स्राव ज़्यादा हो जाए तो हम हाइपर थायरॉयडिज्म का शिकार हो जाते हैं।

इन तेलों का करें इस्तेमाल


चंदन का तेल

चंदन के तेल में एंटी-एंग्जायटी जैसे गुण होते हैं। ऐसे में अगर आप पैनिक अटैक या ओवरएक्टिव थायराइड से जुड़ी स्ट्रेस से परेशान हैं। ऐसी स्थिति में यह मददगार हो सकता है। इसके अलावा यह तेल हाइपोथायरायडिज्म के कारण बालों के झड़ने को कम करने में भी मदद कर सकता है।

पुदीना का तेल

पुदीने का तेल कई स्वास्थ्य लाभों से जुड़ा होता है। इसमे अंसुलित थायराइड से संबंधित लक्षण जैसे कमजोर पाचन, बिगड़ा मेटाबॉलिज्म, मूड स्विंग शामिल है। इस तेल को पानी में डालकर भाप लेने या नाभि में लगाने से फायदा होता है।

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लैवेंडर का तेल

लैवेंडर में एनाल्जेसिक (दर्द दूर करने वाला गुण) और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। लैवेंडर का तेल एंग्जायटी में प्रभावी हो सकता है, जो थायराइड बढ़ने से होने वाली एक आम समस्या है। यह तेल डिप्रेशन को भी कम कर सकता है, जो थायराइड असंतुलन वाले लोगों में आम लक्षण होता है।

लौंग का तेल

लौंग का तेल भी स्वास्थ्य के लिए काफी अच्छा माना जाता है। ये थायराइड की स्थिति को कम करने में मदद करता है। लौंग के तेल को हाइपोथायराइिज्म के इलाज के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। इतना ही नहीं लौंग का तेल आपकी चिंता और तनाव को भी आसानी से दूर करने में मददगार होता है। इसका इस्तेमाल करने के लिए लौंग के तेल की कुछ बूंदों को आप अपने तलवे, पेट या गर्दन पर लगाएं और कुछ मिनट तक मालिश करें।

लेमनग्रास का तेल

लेमनग्रास ऑयल में ताजी सुगंध के साथ एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। यह प्रो-इंफ्लेमेटरी साइटोकिन्स को रोकता है। जिससे थायराइड असंतुलन से जुड़ी एलर्जी या सूजन संबंधी समस्या से राहत में मदद मिलती है। थायराइड ग्रंथि सूजी हुई या बढ़ी हुई महसूस होने पर लेमनग्रास ऑयल को गर्दन पर ऊपर से लगा सकते हैं।

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