High Blood Sugar Symptoms: देश में डायबिटीज के मरीजों की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। यह एक लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारी हो गई है। वैसे भी इस मॉडर्न लाइफस्टाइल और खराब खानपान के चलते हमारे शरीर में कई तरह के छोटे-मोटे बदलाव होते रहते हैं। जिसे आम तौर पर बहुत से लोग इग्नोर करते हैं। यही छोटे मोटी बदलाव बड़ी गंभीर बीमारी का संकेत दे रहे होते है। जब तक हम उन संकेतों को पहचानते हैं। तब तक काफी देर हो चुकी होती है। ऐसे ही बार-बार मुंह का सूखना और अचानक प्यास का बढ़ जाना जैसे लक्षण नजर आते हैं तो सावधान होने की जरूरत है।
मौसम में अगर गर्मी ज्यादा हो तो प्यास बार-बार लगना लाजमी है लेकिन अगर मौसम सामान्य होने के बाद भी गला सूखा सा महसूस हो रहा है तो ये ब्लड में शुगर का लेवल हाई होने के संकेत हो सकते हैं। ब्लड में शुगर हाई होने को हाइपरग्लाइकेमिया (Hyperglycaemia) भी कहा जाता है।
हाई ब्लड शुगर के कई सारे लक्षण होते हैं। हाइपरग्लाइकेमिया यानी हाई ब्लड शुगर में मुंह सूखना और बार-बार प्यास लगना, साथ ही बार-बार पेशाब लगना ये सब इसके लक्षण हैं। इसके अलावा भी इसके कई लक्षण होते हैं जिससे बीमारी की पहचान की जा सकती है। जैसे थकान महसूस होना, किसी चीज को देखने में दिक्कत होना, खुद से वजन घटना, स्किन इन्फेक्शन, ब्लैडर इन्फेक्शन हो जाना, जैसे तमाम लक्षण नजर आने लगते हैं। ये लक्षण बहुत छोटे और नॉर्मल लग सकते हैं। लेकिन इन्हें कभी इग्नोर नहीं करना चाहिए। अगे चलकर यह खतरनाक साबित हो सकते हैं। कई बार ऐसा होता है कि डायबिटीज के बावजूद हाई ब्लड शुगर का सामना करना पड़ता है। लिहाजा ऐसे में जरूरी है कि सही समय पर हाइपरग्लाइकेमिया को पहचान कर उसका इलाज कराएं।
क्यों होता है हाई ब्लड शुगर
हाई ब्लड शुगर किसी भी उम्र में हो सकता है। इसकी सबसे बड़ी वजह खराब लाइफस्टाइल और खानपान है। यह ब्लड में शुगर का लेवल हाई करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। टेंशन, शरीर में किसी बीमारी का होना, जरूरत से ज्यादा खाना, एक्सरसाइज की कमी, पानी कम पीना, डायबिटीज से जुड़ी दवाइयां मिस करने ऐसी समस्याएं हो सकती हैं।
खाने के बीच में बहुत ज्यादा स्नैक्स लेने से
अगर आप बार-बार खाते हैं या एक बार में बहुत ज्यादा खाते हैं। खाने के बीच में अनहेल्दी स्नैक्स जैसे - जंक फ़ूड, तला-भूना, सोडा युक्त ड्रिंक्स भी लेते हैं तो इससे भी आपका शुगर लेवल बढ़ सकता है।
शारीरिक रूप से एक्टिव न रहने के कारण इन्सुलिन की संवेदनशीलता प्रभावित होती है। जिससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है। व्यायाम न करने से व्यक्ति का शरीर इन्सुलिन का सही तरीके से उपयोग नहीं कर पाता है।