जूठन खाने के लिए होटल में उमड़ी भीड़, प्रशासन ने लगाई रोक तो ग्राहक भड़के, कहा- हम यही खाने आते हैं

चीन के सिचुआन में एक रेस्टोरेंट ने कस्टमर्स के छोड़े हुए तेल को इकट्ठा करके नया तेल मिलाकर खाना पकाया। इसे फ्लेवर बढ़ाने के लिए किया जाता था। प्रशासन की छापेमारी के बाद भी सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे सामान्य माना। चीन का फूड सेफ्टी कानून ऐसे प्रैक्टिस को अवैध मानता है, लेकिन यह चल रहा है

अपडेटेड Jan 01, 2025 पर 4:05 PM
Story continues below Advertisement
जूठे तेल में खाना खिलाता था होटल।

जब हम बाहर खाने जाते हैं, तो सबसे पहले ये जानने की कोशिश करते हैं कि खाना साफ-सुथरा है या नहीं, और स्टाफ इसे अच्छे से सर्व कर रहा है या नहीं। लेकिन चीन में एक रेस्टोरेंट में कुछ ऐसा हुआ जो शायद आपके गले भी नहीं उतरे। यहां कस्टमर्स के छोड़े हुए तेल को इकट्ठा किया जाता था और फिर उसे नए तेल के साथ मिलाकर खाना पकाया जाता था। हां, आपने सही सुना, वो तेल जिसे आमतौर पर ‘जूठन तेल’ कहा जाता है, यहां उसे फ्लेवर बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाता था। प्रशासन ने इस पर छापा मारा, तो लोग सोशल मीडिया पर बोले, ‘हमें तो यही पसंद है।’ मतलब, उन्हें तो पता था कि ये हो रहा है, फिर भी वे यही खाने आते थे।

यहां साफ-सफाई की बजाय स्वाद को प्राथमिकता दी जाती थी, और लोग जूठे तेल के स्वाद को ही पसंद करते थे। इस मामले ने साबित कर दिया कि कभी-कभी स्वाद के चक्कर में लोग साफ-सफाई और सेहत की चिंता भूल जाते हैं।

दूसरों की जूठन से निकाला तेल


सिचुआन के एक हॉटपॉट रेस्टोरेंट में यह चौंकाने वाली प्रैक्टिस सामने आई। रेस्टोरेंट के कर्मचारी दूसरे ग्राहकों के छोड़े हुए तेल को इकट्ठा करके उसे नए तेल में मिला देते थे और उसी से खाना पकाते थे। इसे ‘सलाइवा ऑयल’ या दूसरे का जूठा तेल कहा जाता है। 2 दिसंबर को Nanchong Market Regulation Administration ने इस पर कार्रवाई की और छापे में पाया कि यहां वाकई में चिली ऑयल, जो दूसरे ग्राहकों ने छोड़ा था, उसे अगले कस्टमर के खाने में इस्तेमाल किया जा रहा था। रेस्टोरेंट मालिक ने भी इस बात को स्वीकार किया कि वे इसे फ्लेवर बढ़ाने के लिए करते थे।

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं

जब यह बात सोशल मीडिया पर फैली, तो लोगों ने इसे एक सामान्य घटना मान लिया। एक यूज़र ने कहा कि यह ‘ओपन सीक्रेट’ है और परंपरागत तौर पर ऐसा होता आया है। उसके बिना जूठे तेल के हॉटपॉट का स्वाद उतना अच्छा नहीं होता। एक और यूज़र ने कहा कि लोग इसी फ्लेवर के लिए रेस्टोरेंट में हॉटपॉट खाने आते हैं। हालांकि कुछ यूज़र्स ने इस पर चिंता जताई कि इससे संक्रमण फैलने का खतरा हो सकता है।

फूड सेफ्टी कानून

चीन में 2009 में फूड सेफ्टी लॉ लागू हुआ था, जो इस तरह की प्रैक्टिस को पूरी तरह से अवैध मानता है। इसके तहत रेस्टोरेंट्स को इस तरह की प्रैक्टिस करने पर पांच साल की सजा हो सकती है। बावजूद इसके, कई रेस्टोरेंट्स में यह प्रैक्टिस अभी भी जारी है। यह घटना दिखाती है कि स्वाद और स्वच्छता के बीच संतुलन बनाना कितना जरूरी है।

सालभर में 5 लाख रुपये का खाना ऑर्डर करने वाला शख्स, Zomato की चौंकाने वाली रिपोर्ट, बिरयानी बनी लोगों की पहली पसंद

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।