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Independence Day Special: वर्गीज कुरियन- श्वेत क्रांति के जनक, जिन्होंने भारत को बना दिया दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश

भारत दूध प्रोडक्शन में पहले स्थान पर है, जो वैश्विक दूध प्रोडक्शन में 23 प्रतिशत का योगदान देता है। देश में दूध का प्रोडक्शन लगभग 6.2 प्रतिशत की चक्रवृद्धि सालाना ग्रोथ रेट से बढ़कर 2020-21 में 209.96 मिलियन टन हो गया, जो 2014-15 में 146.31 मिलियन टन था

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 08, 2023 पर 12:49 PM
Independence Day Special: वर्गीज कुरियन- श्वेत क्रांति के जनक, जिन्होंने भारत को बना दिया दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश
वर्गीज कुरियन- श्वेत क्रांति के जनक

Independence Day Special: भारत ने स्वतंत्रा के लिए और उसके बाद भी कई तरह की क्रांतियां देखी हैं। बस फर्क इतना है कि आजादी के बाद की क्रांति किसी के खिलाफ नहीं थीं। ये क्रांतियां देश में बदलाव और विकास को बढ़ावा देने वाली पहल थीं, जिन्होंने काफी हद तक बदलाव की एक नई शुरुआत भी की। इस 15 अगस्त (Independence Day 2022) को देश आजादी के 75 साल पूरे होने का जश्न (Azadi Ka Amrit Mahotsav) मना रहा है। इसी कड़ी में आज हम जानेंगे करेंगे देश की श्वेत क्रांति (Operation Flood) और उसके जनक डॉ. वर्गीज कुरियन (Verghese Kurien) के बारे में।

भारत दूध प्रोडक्शन में पहले स्थान पर है, जो वैश्विक दूध प्रोडक्शन में 23 प्रतिशत का योगदान देता है। देश में दूध का प्रोडक्शन लगभग 6.2 प्रतिशत की चक्रवृद्धि सालाना ग्रोथ रेट से बढ़कर 2020-21 में 209.96 मिलियन टन हो गया, जो 2014-15 में 146.31 मिलियन टन था। श्वेत क्रांति, दुनिया का सबसे बड़ा डेयरी विकास प्रोग्राम और भारत के राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड की एक ऐतिहासिक प्रोजेक्ट था।

26 नवंबर, 1921 को केरल के कोझीकोड में एक सिविल सर्जन के यहां जन्मे कुरियन ने लोयोला कॉलेज, चेन्नई में पढ़ाई की और 1940 में इंजीनियरिंग कॉलेज, गिंडी में शामिल होने से पहले फिजिक्स में ग्रेजुएशन किया। यहां से उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियर के रूप में योग्यता प्राप्त की।

सरकारी स्कॉलरशिप पर मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करने के लिए अमेरिका जाने से पहले वह जमशेदपुर में टाटा स्टील तकनीकी संस्थान में शामिल हो गए। 1948 में, उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में मास्टर ऑफ साइंस की डिग्री हासिल की।

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