इंडियन क्रिकेट फैंस जिन्होंने की दीवानगी की हद पार, अजीबो गरीब चीजें करने में किया टॉप

भारतीय क्रिकेट फैंस कई बार अपने चहेते क्रिकेटर्स के लिए हर हद पार करने के लिए तैयार हो जाते हैं। फैंस से जुड़े कई ऐसे अनोखे किस्से हैं जिन्हें जानकर अक्सर लोग हैरत में पड़ जाते हैं कि क्या कोई इतना दीवाना भी हो सकता है। पेश है धोनी से लेकर गावस्कर के लिए जान हथेली पर लेकर चलने वाले अनोखे फैंस के किस्से-

अपडेटेड Dec 18, 2023 पर 10:29 AM
Story continues below Advertisement
क्रिकेट फैंस जिन्होंने क्रिकेटर्स के दिल में बनाई जगह

क्रिकेट के लिए इंडियन फैंस की दीवानगी किसी से भी छिपी नहीं है। हाल ही में वर्ल्ड कप की हार के बाद कई लोगों के दिल टूटे। फैंस ने ब्रेकअप से ज्यादा चीत्कार को तो भारत की हार पर किया। शोक सभाएं रखीं गईं, इससे बाहर आने के लिए डिस्कशन किए गए। मूव ऑन करना फैंस को एक बहुत बड़ा टास्क लग रहा था। क्रिकेट के लिए भारतीय फैंस ने 22 ऐसी अतरंगी चीजें की हैं जिन्हें जानकर आप भी दंग रहे जाएंगे।

हाल ही में दिल्ली के एक स्कूल स्टूडेंट गजोधर को इस महीने की शुरुआत में स्कूल से सस्सपेंड किया गया। दरअसल मैथ के पेपर में हर सवाल के जवाब में गजोधर ने थाला लिखा था। CSK के कप्तान एमएस धोनी के लिए IPL में इस शब्द का इस्तेमाल किया जाता है। उनके चाहने वाले उन्हें थाला, माही, धोनी बुलाते हैं। धोनी ही हैं जिनकी कप्तानी में Chennai Super Kings ने 5 IPL ट्रॉफीज जीती हैं।

इससे भी ज्यादा दीवानगी की हदें फैंस ने आज तक पार की हैं। एक वक्त था जब मुंबई में लोग सुनील गावस्कर के घर के बाहर दर्शन के लिए खड़े रहते थे। 1940 में मुश्ताक अली और 1980 में कपिल देव को जब टेस्ट टीम से बाहर किया गया था तो कोलकाता में फैंस ने टेस्ट मैच में बाधा पैदा करने की धमकियां तक दे डाली थीं। जम्मू में भारत-पाकिस्तान के मुकाबले के दौरान जब ब्रॉडकास्टिंग में समस्या आई तो सैंकड़ों क्रिकेट फैंस ने केबल टेलीविजन ऑफिस पर ही पत्थर बरसाना शुरू कर दिए। एक फीमेल फैन तो राहुल द्रविड़ से मिलने हैदराबाद से बेंगलुरु पहुंच गई और फिर वहां से जाने से इनकार कर दिया। ये लिस्ट यहीं खत्म नहीं होती है, ऐसे कई हैरान कर देने वाले किस्से क्रिकेट प्रेमियों से जुड़े हुए हैं।

सुपरफैंस सुधीर कुमार गौतम और राम बाबू

अगर आप 21वीं सदी के क्रिकेट प्रेमी हैं तो आप गौतम को तो जानते ही होंगे। वहीं आदमी जो भारत के हर मैच में शरीर पर तिरंगा बनाकर Tendulkar 10 अपनी बॉडी पर लिखवाकर हाथ में तिरंगा लिए दिखाई देता है। जब सचिन तेंदुलकर ने रिटायरमेंट ले ली थी तो गौतम ने Miss U भी अपने शरीर पर बाकि चीजों के साथ ऐड करवाया था। जब भी भारतीय टीम फील्ड में उतरती है गौतम हमेशा शंख से आगाज करते हैं। 2011 में जब भारतीय टीम ने वर्ल्ड कप जीता था तो साइकिल चलाकर मुजफ्फरपुर से सीधा मुंबई पहुंच गए और सचिन से मुलाकात भी की। खुद सचिन तेंदुलकर ने अफनी टीम के साथ सेलिब्रेशन में उन्हें शामिल किया था।

ऐसे ही दिलदार फैन हैं राम बाबू। राम बाबू धोनी के फैन हैं और उनके शरीर पर तिरंगे के रंगों के साथ Dhoni 7 लिखा हुआ होता है। भले ही राम गौतम के बाद आए हों लेकिन वो भी धोनी के लिए हमेशा मैदान में आते हैं। 2014 वर्ल्ड कप के दौरान राम बाबू बांग्लादेश में बीमार पड़ गए थे। तब उनकी वापसी की टिकट से लेकर मेडिकल बिल का खर्च तक धोनी ने ही उठाया था।


Multibagger Stocks: 15 साल में करोड़पति, 10 महीने में 192% रिटर्न, ब्रोकरेज ने बढ़ाया टारगेट प्राइस

प्यार के खातिर जब की हर हद पार

2009 में सहारनपुर के रहने वाले रवींद्र कुमार सैणी की मंगेतर ने उनके सामने एक ऐसी शर्त रख दी जिसके चक्कर में रवींद्र को नाकों चने चबाने पर मजबूर कर दिया। दरअसल रवींद्र की मंगेतर सोनिया ने एक शर्त रखी थी कि शादी तभी होगी जब वो धोनी के साथ एक तस्वीर क्लिक करवा लेंगे। सैनी ने रांची जाने के लिए अपनी ऑडियो-वीडियो सीडी की दूकान को बेचा। कभी सड़क के किनारे सोए तो कभी खाना छोड़ा लेकिन हार नहीं मानी। आखिरकार धोनी तक जीजा जी गौतम गुप्ता के जरिए बात पुहुंती। कैमरा के सामने धोनी ने सैनी से हाथ मिलाया। रवींद्र को धोनी से मिलने में तकरीबन 35 दिनों का समय लग गया था।

2009 में धोनी की फैन फॉलोइंग इस लेवल पर बढ़ गई थी कि पूरे रांची में उनके चेहरे की तस्वीर वाली पतंगें ही उड़ाई जा रही थीं। इन पतंगों की डिमांड इतनी बढ़ गई थी की मैन्युफैक्चर्रस तक सप्लाई नहीं संभाल पा रहे थे।

2007 वर्ल्ड कप के कई किस्से

2007 वर्ल्ड कप के दौरान जमशेदपुर के रहने वाले सारुण शर्मा ने अपनी किडनी को सेल पर रख दिया था। वर्ल्ड कप देखने के लिए वेस्ट इंडीज की ट्रिप के खातिर उन्होंने ये फैसला लिया था। कहते हैं कि एक किडनी के साथ तो कोई भी जी सकता है लेकिन भारत को वेस्ट इंडीज में वर्ल्ड कप जीतते हुए देखने का मौका बार-बार नहीं आता। बात यहीं खत्म नहीं हुई सारुण ने एक पुल से भी कूदने की कोशिश की हालांकि पुलिस ने उन्हें हिरास्त में ले लिया। ना ही सारुण की किडनी बिकी और दूसरी ओर भारत भी पहले ही राउंड में वर्ल्ड कप से बाहर हो गया।

इस हार का इतना गहरा सदमा लोगों को लगा कि पश्चिम बंगाल में तो एक कपल ने साथ में ही फांसी लगा ली। रस्सी टूटने से साधना सरकार तो बच गईं लेकिन उनके पति महादेब की वहीं मौके पर मौत हो गई।

अहमदाबाद, जालंधर और अमृतसर में फैंस ने पोस्टर्स जलाए। कानपुर में तो 11 शवदाह किए गए और अंतिम संस्कार की पूरी विधि निभाई गई। झारखंड स्थित एमएस धोनी के घर को भी तोड़ दिया गया।

देशभर में क्रिकेटर्स के पुतले जलाए गए। हालांकि अब पुतले जलाए जाने के ट्रेंड को सोशल मीडिया ने रिप्लेस कर दिया है। अब भड़के हुए फैंस ना केवल क्रिकेटर्स बल्कि उनकी फैमिलीज पर भी निशाना साधते हैं। हरियाणा के जिंद में तो हार का सदमा इतना गहरा पहुंचा कि एक नेता ने 28 गांवों में क्रिकेट खेलने और क्रिकेट के बारे में बात करने पर भी बैन लगा दिया।

जहां स्कूल नोटबुक्स पर 60-70 प्रतिशत कवर पर क्रिकेटर्स का ही चेहरा होता था, ये ट्रेंड भी पूरी तरह से बदल गया। क्रिकेटर्स के चेहरों की जगह स्पीडिंग कारें कवर पर दिखाई देने लग गईं।

जेल तक फैली दीवानगी

गुवाहाटी जेल के छह कैदियों ने एक जनहित याचिका दायर की जिसमें उन्होंने 2015 वर्ल्ड कप के सारे मैच देखने की इच्छा जाहिर की थी। तब दूरदर्शन पर सिर्फ भारत के ही मैच दिखाए जाते थे। जस्टिस अरुप कुमार ने जेल प्रशासन को जल्द से जल्द केबल इंस्टॉल करने के निर्देश दिए थे।

1985 में भूखा सिंह यादव नाम के एक कैदी ने ग्वालियर जेल से एक लेटर लिखा। राजिंदर गोयल को लिखे इस लेटर में भूखा सिंह ने उन्हें 600 रणजी ट्रॉफी विकेट झटकने वाले पहले खिलाड़ी बनने पर बधाई दी थी। भूखा को राजिंदर का जवाब भी मिला था।

1948 में डॉन ब्राडमैन अपनी आखिरी टेस्ट सीरीज खेल रहे थे। महात्मा गांधी के बेटे देवदास गांधी ने जैसे तैसे टेस्ट मैच के लिए ट्रेंट ब्रिज तक की टिकट का जुगाड़ कर लिया। उलस दौरान नॉटिंघम का हर होटल पूरी तरह से बुक था। ऐसे में देवदास ने नॉटिंघम काउंटी जेल के वार्डन को एक रात वहां ठहरने की इजाजत देने के लिए मना लिया। इस तरह मैच के लिए उन्होंने जेल में रात बिताई।

वो आदमी जिसे सभी God कहते हैं

1999 में अचानक से एक खबर आग की तरह चारों ओर फैल गई। खबर थी कि सचिन तेंदुलकर बैक स्पाज्म की वजह से रिटायर हो रहे हैं। मैसूर की रहने वाली 18 साल की दीपा वसंतलक्ष्मी को इस बात इतना गहरा सदमा लगा कि उन्होंने सुसाइड कर ली। जबकि इस अफवाह के 14 साल बाद भी सचिन तेंदुलकर ने क्रिकेट से रिटायरमेंट नहीं ली।

रतिलाल परमार को ऐसे करंसी नोट्स को इकट्ठा करने की आदत है जिनपर लिखे गए नंबर का लिंक सचिन तेंदुलकर से हो। उदाहरण के लिए 2012 में अचानक से उन पर तब चर्चा होने लगी जब उन्होंने एक ऐसे 10 रुपए के नोट को ढूंढ निकाला था जिसपर 240412 नंबर लिखा था। ये उस साल तेंदुलकर के जन्मदिन की तारीख थी।

उत्तर प्रदेश का मलीहाबाद खास तरह के आमों के लिए जाना जाता है। यहां के रहने वाले हाजीकलीमुल्ला खान खास तरह के आम उगाने के लिए जाने जाते हैं। 2010 में उन्होंने गुड़शाह और चौसा को मिलाकर आम की एक नई वैरायटी बनाई जिसका नाम तेंदुलकर रखा। वहीं ध्रुव प्रजापति एक PhD स्कॉलर ने मकड़ी की एक ऐसी प्रजाति खोजी जिसका नाम Marengo sachintendulkar रखा।

नमिता थापर वाली Emcure Pharma ने फिर से फाइल किए IPO पेपर्स, घटा दिया इश्यू का साइज

क्रिकेट के लिए कुछ भी करेगा!

1999 वर्ल्ड कप के दौरान कल्लीपारा केरल में पावर कट लग गया। बिजली क्यों नहीं आ रही है इस बात का पता लगाने के लिए एक 26 साल का आदमी बिजली के खंभे पर चढ़ गया। बिजली के तेज झटकों ने उसकी सांसें छीन लीं।

सोलापुर के लोगों ने सोलापुर एयकरपोर्ट के कभी इस्तेमाल ना किए जाने वाले रनवे को अपना खेल का मैदान बना लिया था। 2006 में Air Deccan की एक फ्लाइट की इस रनवे पर इमरजेंसी लैंडिंग करवाई गई और उस दौरान भी यहां लोग क्रिकेट खेल रहे थे। हालांकि इमरजेंसी ब्रेक लगाकर पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए किसी की भी नुकसान नहीं पहुंचने दिया जबकि इस प्रोसेस में प्लेन के दोनों रियर टायर फट गए।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।