महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन केशब महिंद्रा (Keshub Mahindra) के निधन के बाद अब 92 वर्षीय लक्षमण दास मित्तल (Lachhman Das Mittal) देश के सबसे उम्रदराज अरबपति बन गए हैं। केशब महिंद्रा की बीते 12 अप्रैल को 99 साल के उम्र में निधन हो गया था। लक्षमण दास मित्तल, सोनालिका ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन हैं, जिन्होंने पिछले 30 सालों में अरबों का साम्राज्य खड़ा करने में कामयाबी हासिल की। 1931 में पंजाब के होशियारपुर में जन्मे मित्तल ने एक बीमा एजेंट के रूप में अपना करियर शुरू किया था। LIC से रिटायर होने के 6 साल बाद उन्होंने 65 साल की उम्र में अपना बिजनेस शुरू किया था।
फोर्ब्स के मुताबिक, मित्तल LIC से साल 1990 में डिप्टी जोनल मैनेजर के पद से रिटायर हुए थे। इसके 6 सालों बाद उन्होंने सोनालिका ट्रैक्टर्स का गठन किया और आज यह मार्केट शेयर के हिसाब से देश की तीसरी सबसे बड़ी ट्रैक्टर कंपनी है। इस कंपनी ने लक्षमण दास मित्तल को देश का सबसे उम्रदराज अरबपति बना दिया और आज उनके पास करीब 2.5 अरब डॉलर (करीब 20,400 करोड़ रुपये) की संपत्ति है।
मित्तल ने सोनालिका ग्रुप के लगभग रोजाना के काम को अपने बेटों को सौंप दिया है। उनके सबसे बड़े बेटे अमृत सागर कंपनी के वाइस चेयरमैन हैं, जबकि उनके सबसे छोटे बेटे दीपक मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। उनका दूसरा बेटा न्यूयॉर्क में डॉक्टर है।
खास बात यह है कि मित्तल के परिवार का अभी भी एलआईसी से जुड़ाव बना है और उनकी बेटी उषा सांगवान LIC की पहली महिला मैनेजिंग डायरेक्टर हैं।