Amazon Layoff News: एमेजॉन (Amazon) में छंटनी का कोहराम अब तक जारी है। अब इसकी आंच अमेरिकी फ्रेश ग्रॉसरी स्टोर्स के एंप्लॉयीज पर पड़ी है। एमेजॉन अमेरिका में अपने कारोबारी ढांचे में बदलाव कर रही है जिसके तहत कुछ एंप्लॉयीज को बाहर किया जा रहा है। न्यूज एजेंसी एपी की रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी ने ने गुरुवार को यह पुष्टि कर दी कि यह ग्रॉसरी स्टोर्स से जोन लीड रोल्स को खत्म कर रही है। यह लोअर-लेवल का मैनेजमेंट पोजिशन है जिसका काम बाकी चीजों के अलावा एसोसिएट्स के काम पर नजर रखना है और ग्राहकों से जुड़े मसलों को निपटाना है।
हालांकि कंपनी ने यह खुलासा नहीं किया कि कितने एंप्लॉयीज की नौकरी जाने वाली है। इससे पहले द वॉशिंगटन पोस्ट ने बुधवार को खुलासा किया था कि सैकड़ों एंप्लॉयीज की नौकरी जा सकती है। जिन एंप्लॉयीज को काम से निकाला जाएगा, एमेजॉन उन्हें कंपनी के भीतर ही नया काम खोजने में मदद करेगी और जो कंपनी छोड़कर जाना चाहेंगे, उन्हें सेवरेंस पैकेज दिया जाएगा।
एमेजॉन की प्रवक्ता जेसिका मार्टिन का कहना है कि जैसा कि खुदरा सामान बेचने वाले बाकी दुकान वाले करते हैं, वैसे ही एमेजॉन भी समय-समय पर अपने स्टोर्स की जरूरतों का मूल्यांकन करती है और फिर एंप्लॉयीज की क्षमता बढ़ाने और कस्टमर को बेहतर वैल्यू मिल सकते, इसके लिए उचित फैसले लेती है। इसे लेकर ही कंपनी ने इन-स्टोर स्टॉफिंग और ऑपरेशन्स मॉडल को विकसित करने का निर्णय लिया है।
एमेजॉन अमेरिका में 44 फ्रेश किराना स्टोर संचालित करती है, जिनमें से अधिकतर कैलिफोर्निया, इलिनोइस, वर्जीनिया और वाशिंगटन में स्थित हैं। इसके अलावा यह एमेजॉन गो ब्रांड के तहत अमेरिका में 20 से अधिक बिना कैशियर वाले कंवीनिएंस स्टोर भी ऑपरेट करती है। इसके अलावा होल फूड्स पर भी इसका मालिकाना हक है जिसे एमेजॉन ने 2017 में 1370 करोड़ डॉलर में खरीद लिया था।
लागत घटाने की कोशिश में हो रही छंटनी
आर्थिक चुनौतियों के बीच एमेजॉन ग्रॉसरी समेत अपने पूरे कारोबार में लागत घटाने की कोशिश कर रही है। इस साल कंपनी ने कुछ एमेजॉन फ्रेश और गो स्टोर्स को बंद करने की योजना बनाई थी। अप्रैल में होल फूड्स ने रीस्ट्रक्चरिंग प्लान के तहत सैकड़ों एंप्लॉयीज को बाहर निकाल दिया था। कंपनी के सीईओ एंडी जैसी ने इशारा दिया है कि ग्रॉसरी की कारोबार कंपनी के लिए ग्रोथ का बड़ा मौका है लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि इसे ऐसा मॉस ग्रॉसरी फॉर्मेट खोजने की जरूरत है जो काम करे।