महाराष्ट्र (Maharashtra) के अमरावती जिले के अचलपुर शहर (Achalpur city) में रविवार आधी रात को धार्मिक झंडे हटाने को लेकर दो समुदायों के सदस्यों के बीच झड़प हो गई। झड़प को रोकने के लिए बाद में शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया है। दोनों गुटों के लोगों ने एक दूसरे पर पथराव किया, जिसके बाद उन्हें तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शशिकांत सातव ने बताया कि रविवार आधी रात को हुई इस घटना के बाद दोनों समूहों के 22 लोगों को हिरासत में लिया गया है और अब स्थिति नियंत्रण में है। घायलों की सही संख्या अभी पता नहीं चल पाई है।
पुलिस के मुताबिक, स्थानीय निवासी हर साल विभिन्न त्योहारों के दौरान अमरावती जिला मुख्यालय से 48 किलोमीटर दूर अचलपुर के मुख्य द्वार पर खिड़की गेट और दूल्हा गेट के ऊपर विभिन्न धर्मों के झंडे लगाते हैं।
एक पुलिस निरीक्षक ने कहा कि रविवार आधी रात को, कुछ असामाजिक तत्वों ने धार्मिक झंडे हटा दिए, जिसके बाद कहा-सुनी हो गई, जो देखते ही देखते पथराव में बदल गई। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। हालांकि, SRPF (राज्य रिजर्व पुलिस बल) और स्थानीय पुलिस के समय पर हस्तक्षेप करने के बाद स्थिति काबू में आ गई।
कई राज्यों में सामने आई हिंसा की घटनाएं
बता दें कि देश में अचानक से सांप्रदायिक हिंसा (Communal Violence) की घटनाएं बढ़ गई हैं। 10 अप्रैल को रामनवमी के त्योहार के साथ हुआ सप्ताह देश के कई राज्यों के लिए बेहद बुरा साबित हुआ। करीब 10 राज्यों में इस एक हफ्ते के भीतर हिंसा की कई घटनाएं सामने आई हैं। इनमें न सिर्फ सड़कों पर उतरकर फसाद किए गए, बल्कि देश के प्रमुख शैक्षणिक संस्थान जवाहरलाल यूनिवर्सिटी में भी छात्रों की तगड़ी झड़प देखने को मिली।
खास बात ये रही कि बीते हफ्ते ज्यादातर सांप्रदायिक झड़पें देखने को मिली, जिनमें आम आदमी के साथ कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। ज्यादातर हिंसायुक्त झड़पें रामनवमी के त्योहार के मद्देनजर निकाले जाने वाली यात्रा के दौरान देखने को मिले हैं। दिल्ली के जहांगीरपुरी (Jahangirpuri) इलाके में हनुमान जयंती के जुलूस के दौरान भीड़ की हिंसा के सिलसिले में अब तक 23 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
हनुमान जयंती के जुलूस के दौरान दो गुटों के बीच भिड़ंत के एक दिन बाद जहांगीरपुरी में अब शांति तो है, लेकिन लोग अभी भी असहज हैं। कर्नाटक के हुबली शहर में भी एक सोशल मीडिया पोस्ट पर सांप्रदायिक हिंसा के बाद धारा 144 लगा दी गई है। यहां 12 पुलिसकर्मी घायल हो गए। आंध्र प्रदेश और उत्तराखंड से भी हनुमान जयंती के जुलूस के दौरान हिंसा की घटनाएं हुईं।