Mangaluru Autorickshaw Blast Case: कर्नाटक के मंगलुरु (Karnataka Mangaluru) में हुए ब्लास्ट मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। कर्नाटक के डीजीपी प्रवीण सूद (Karnataka DGP Praveen Sood) ने रविवार को कहा कि मेंगलुरु में एक चलते ऑटोरिक्शा में हुआ ब्लास्ट ‘आतंकवाद का कृत्य (Act of Terror)’ है। DGP ने ट्वीट किया, ‘अब इसकी पुष्टि हो गई है। ब्लास्ट दुर्घटनावश नहीं हुआ, बल्कि आतंकवादी कृत्य है, जिसका उद्देश्य गंभीर नुकसान पहुंचाना था। कर्नाटक राज्य पुलिस केंद्रीय एजेंसियों के साथ गहनता से जांच कर रही है।’’
यह ब्लास्ट एक थाने के पास एक ऑटोरिक्शा में शनिवार शाम को हुआ, जिसमें एक यात्री और चालक घायल हो गया। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। राज्य के गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र ने कहा कि ब्लास्ट में घायल हुए लोगों को अच्छा इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है, लेकिन वे अभी बात करने की स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हमें जो सूचना मिली है उससे पता चलता है कि इस घटना के पीछे बहुत बड़ा षड्यंत्र था। दोषियों के आतंकवादी संगठनों से ताल्लुक होने की बात स्पष्ट है।
आतंकी मामले में पहले भी गिरफ्तार हो चुका है आरोपी
शीर्ष खुफिया सूत्रों ने CNN News 18 को 20 नवंबर को बताया कि मंगलुरु ब्लास्ट मामले में जिस संदिग्ध आरोपी शख्स पर ब्लास्ट का शक है उसे तीन साल पहले एक आतंकी मामले में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि ब्लास्ट एक कुकर में हुआ, जिसमें डेटोनेटर, तार और बैटरी लगी हुई थीं। डीजीपी ने कहा कि विस्फोट के कारण ऑटोरिक्शा को काफी नुकसान पहुंचा है।
पुलिस प्रमुख ने कहा कि यह भी संदेह है कि यह अधिक से अधिक नुकसान पहुंचाने की कोशिश में आत्मघाती धमाके का एक नाकाम प्रयास हो। पुलिस ने बताया कि मेंगलुरु में हुआ विस्फोट कोयंबटूर में हुए कार विस्फोट से मिलता-जुलता है। डीजीपी प्रवीण सूद ने कहा कि पुलिस को इस बात का गहरा संदेह है कि ऑटो रिक्शा यात्री सीधे तौर पर ब्लास्ट में शामिल था, क्योंकि वह फर्जी आधार कार्ड के साथ यात्रा कर रहा था और उसके पास विस्फोटक थे।
आरोपी ब्लास्ट में 45 फीसदी जल चुका है और फिलहाल बोल नहीं पा रहा है। सूत्रों ने कहा कि डॉक्टरों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि वह जल्द से जल्द ठीक हो जाएं। इसके अलावा रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी इस अगस्त में कर्नाटक के शिवमोग्गा में वीर सावरकर बनाम टीपू सुल्तान पोस्टर विवाद में भी शामिल था।
"संदिग्ध के आतंकी संबंध थे"
कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई (Basavaraj Bommai) ने रविवार को कहा कि मंगलुरु में कथित तौर पर बम ब्लास्ट करने वाले संदिग्ध के आतंकी संबंध थे, क्योंकि वह पड़ोसी तमिलनाडु के कोयंबटूर सहित विभिन्न स्थानों पर गया था। मुख्यमंत्री बोम्मई ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह एलईडी से जुड़ा उपकरण था। पुलिस सूत्रों के अनुसार विस्फोट के लिए डेटोनेटर, तार और बैटरी से लैस एक कुकर का इस्तेमाल किया गया। विस्फोट के बाद ऑटोरिक्शा के अंदरूनी हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
बोम्मई ने कहा, ‘जब संदिग्ध का अतीत खंगाला गया, तो यह स्पष्ट हो गया कि मौके से मिले आधार कार्ड में उल्लेखित नाम उस व्यक्ति से अलग था जो उसे रखे हुए था। संदिग्ध के पास एक डुप्लिकेट आधार कार्ड था। उसमें हुबली का पता था।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिक जानकारी तब सामने आई जब पुलिस ने संदिग्ध के मूल पते और उन स्थानों का पता लगाया जहां वह ठहरा था।
बोम्मई ने कहा, ‘प्रथम दृष्टया, यह एक आतंकवादी कृत्य है। वह जिन स्थानों पर गया था, जैसे कोयंबटूर या अन्य स्थान, उससे उसके आतंकी संबंधों की ओर इशारा मिलता है।’ उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के अधिकारी भी मामले की जांच में राज्य पुलिस के साथ शामिल हो गए हैं। NIA की चार सदस्यीय टीम मौके पर पहुंच गई है और पुलिस के साथ समन्वय कर रही है।
आतंकी घटना के प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया से संबंध के बारे में बोम्मई ने कहा कि जांच से सच्चाई सामने आएगी। इस बीच, पुलिस सूत्रों ने कहा कि संदिग्ध ने जाली आधार कार्ड का उपयोग करके एक मोबाइल सिम कार्ड प्राप्त किया था, जो विस्फोट स्थल से मिला था। उन्होंने बताया कि उसने उक्त सिम कार्ड का इस्तेमाल हर जगह किया। सूत्रों ने कहा कि मामले की जांच के लिए पांच टीमों को कोयंबटूर सहित विभिन्न स्थानों पर भेजा गया है।