'शाम को क्यों अभी मार लो': क्रिकेटर मनोज तिवारी का कोच गौतम पर 'गंभीर' आरोप

Gautam Gambhir Vs Manoj Tiwary: टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर के जिद्दी व्यक्तित्व ने उन्हें बहुत सफलता दिलाई है, लेकिन साथ ही उन्हें मुसीबत में भी डाला है। फिरोज शाह कोटला स्टेडियम में दिल्ली और बंगाल के बीच 2015 के रणजी ट्रॉफी मैच के दौरान गौतम गंभीर और पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी की कुख्यात लड़ाई भारतीय क्रिकेट के इतिहास में सबसे चर्चित झगड़ों में से एक बन गई

अपडेटेड Jan 24, 2025 पर 2:14 PM
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Gautam Gambhir Vs Manoj Tiwary: आईपीएल के दौरान मनोज तिवारी और गौतम गंभीर के बीच विवाद हुआ था

Gautam Gambhir Vs Manoj Tiwary: पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी ने एक बार फिर अपने पूर्व साथी और भारतीय टीम के मौजूदा हेड कोच गौतम गंभीर के साथ अपने उतार-चढ़ाव भरे रिश्ते पर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) में साथ बिताए समय और 2015 के रणजी ट्रॉफी मैच के दौरान उनके बीच हुई कहासुनी की घटनाओं को याद किया। 'लल्लनटॉप' के साथ एक इंटरव्यू में मनोज तिवारी ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के दिनों से चली आ रही उनकी खटास के बारे में विस्तार से बताया। बता दें कि दिल्ली और बंगाल के बीच 2015 के रणजी ट्रॉफी मैच के दौरान गंभीर और तिवारी की कुख्यात लड़ाई भारतीय क्रिकेट के इतिहास में सबसे चर्चित झगड़ों में से एक बन गई।

मनोज तिवारी ने बताया कि दोनों के बीच लगभग भिड़ंत हो ही गई थी। उनकी लगभग लड़ाई होने ही वाली थी, लेकिन केकेआर के तत्कालीन गेंदबाजी कोच वसीम अकरम ने दोनों को रोक दिया था। गौतम गंभीर और पूर्व भारतीय खिलाड़ी मनोज तिवारी के बीच पहले भी कई बार विवाद हो चुका है। 2015 में दिल्ली और बंगाल के बीच रणजी ट्रॉफी मैच के दौरान दोनों के बीच काफी कहासुनी हो गई थी। तिवारी ने इंटरव्यू में खुलासा किया कि यह कोई अकेली घटना नहीं थी। KKR में उनके दिनों के दौरान भी कई बार ऐसी घटनाएं हुई थीं, जिसकी शुरूआत 2015 में हुई थी।

तिवारी ने लल्लनटॉप पर बात करते हुए कहा, "मुझे बिना किसी कारण के डांटा जाता था। मुझे समझ में नहीं आता था कि वह मुझे क्यों निशाना बनाता है। जब मैं 2010 में केकेआर में आया, तो वह और मैं अच्छे से घुलमिल गए थे। लेकिन फिर वह अचानक मुझ पर अपना आपा खो देता था। वह बहुत ही आहत करने वाले शब्दों का इस्तेमाल करता था। फिर, जब मैंने इसके बारे में सोचना शुरू किया, तो मुझे एहसास हुआ कि केकेआर के सभी स्थानीय लड़कों में से मैं ही एक ऐसा था जो लगातार अच्छा प्रदर्शन करता था। और चूंकि मैं एक होनहार युवा था, इसलिए मीडिया मुझे तवज्जो दे रहा था।"


तिवारी ने कहा, "मैं परेशान था और वॉशरूम गया था। गंभीर अंदर घुस आए और कहा, 'यह रवैया काम नहीं करेगा। तुझे कभी खेलने नहीं दूंगा।'" तिवारी ने कहा, "वह मुझे धमका रहे थे।" तत्कालीन गेंदबाजी कोच वसीम अकरम ने स्थिति को शांत किया, जो बहस को हिंसक होने से पहले ही बीच में आ गए। तिवारी ने कहा, "अगर अकरम ने हस्तक्षेप नहीं किया होता, तो लड़ाई हो सकती थी।"

उन्होंने कहा, "जब किसी नए खिलाड़ी को मीडिया में पहचान मिलती है, तो कुछ लोगों को यह पसंद नहीं आता। शायद इसीलिए वह मुझसे नाराज थे। अगर उस समय मेरे पास पीआर टीम होती, तो मैं आज भारत का कप्तान होता।" तिवारी ने 2015 में रणजी ट्रॉफी मैच के दौरान एक और विवाद को याद किया, जहां गंभीर ने कथित तौर पर मैदान पर उनके साथ दुर्व्यवहार किया था।

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तिवारी ने कहा, "वह स्लिप से गाली-गलौज कर रहा था, अनुचित भाषा का इस्तेमाल कर रहा था। फिर उसने कहा, 'शाम को मिल, मैं तुझे मारता हूं।' मैंने जवाब दिया, 'शाम को क्यों, अभी मार लो।'" तिवारी के अनुसार, गंभीर के व्यवहार ने खेल को बाधित किया, यहां तक ​​कि अंपायरों को भी इसमें शामिल किया गया। तिवारी ने दावा किया, "जब अंपायर ने हस्तक्षेप करने की कोशिश की तो उसने उन्हें धक्का दे दिया। बाद में, उसने मिड-ऑफ से मुझे गाली देना जारी रखा। उसके प्रभाव के कारण अंपायर ज्यादा कुछ नहीं कर सके।" फिलहाल, गंभीर की तरफ से इन आरोपों पर कोई जवाब सामने नहीं आया है।

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