Exclusive: एयर इंडिया पेशाब कांड में आ सकता है नया मोड़, आरोपी शंकर मिश्रा और महिला की सीट नंबर आई सामने

Air India Pee-Gate: एयर इंडिया पेशाब कांड में एक नया मोड़ देखने को मिल सकता है। जिस महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी, वह खिड़की वाली सीट पर बैठी थी। मामले से वाकिफ लोगों ने बताया कि यह आरोपी के इस दावे को मजबूत बना सकता है कि वह उस सीट तक रास्ता ब्लॉक होने के चलते ऐसा गलत कृत्य नहीं कर सकता है

अपडेटेड Jan 16, 2023 पर 5:55 PM
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यह पूरा मामला एयर इंडिया की 26 नवंबर को न्यूयॉर्क से दिल्ली आ रही फ्लाइट-AI 102 से जुड़ा है

Air India Pee-Gate: एयर इंडिया पेशाब कांड में जिस महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी, वह खिड़की वाली सीट पर बैठी थी। मामले से वाकिफ लोगों ने बताया कि यह आरोपी के इस दावे को मजबूत बना सकता है कि वह उस सीट तक रास्ता ब्लॉक होने के चलते ऐसा गलत कृत्य नहीं कर सकता है। यह पूरा मामला एयर इंडिया की 26 नवंबर को न्यूयॉर्क से दिल्ली आ रही फ्लाइट-AI 102 से जुड़ा है। आरोप है कि फ्लाइट के बिजनेस क्लास वाले हिस्से में एक व्यक्ति ने कथित तौर पर नशे की हालत में एक 72 वर्षीय महिला पर पेशाब किया था। मनीकंट्रोल को इस फ्लाइट का सीटिंग प्लान और संबंधित व्यक्तियों के सीट नंबर से जुड़ी जानकारी मिली है।

लोगों ने बताया, शिकायतकर्ता महिला खिड़की वाली सीट पर बैठी थी। वहीं आरोपी शंकर मिश्रा की सीट महिला के ठीक आगे वाली लाइन में किनारे की तरफ थी। महिला ने शिकायत में कहा था शंकर मिश्रा नशे की हालत में उसकी सीट के पास चलकर आया और नशे की हालत में उनके ऊपर पेशाब किया।

शंकर मिश्रा के वकील और सीनियर एडवोकेट रमेश गुप्ता ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने दिल्ली की एक कोर्ट में बताया कि उनके मुवक्किल शंकर मिश्रा ऐसा कृत्य नहीं कर सकते क्योंकि वह शिकायतकर्ता की सीट तक नहीं पहुंच सकते थे। उन्होंने आगे यहां तक कहा कि हो सकता है कि महिला का खुद पर कंट्रोल न हो और उन्होंने खुद ही पेशाब कर लिया हो।


अपने बचाव को मजबूत बनाने की कोशिश में, गुप्ता ने एक (अप्रमाणिक) थ्योरी भी दिया और कहा कि महिला एक कथक डांसर हैं। ऐसे में यह सभंव है कि उनका मलमूत्र-त्‍याग करने को लेकर अपने ऊपर कंट्रोल न हो क्योंकि करीब 80 प्रतिशत कथक डांसरों में यह समस्या या बीमारी पाई जाती है।

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सीटिंग प्लान से क्या पता चलता है?

बोइंग B777-300ER विमान के बिजनेस क्लास सीटिंग प्लान के अनुसार, शिकायतकर्ता महिला की सीट 9A माना जा रहा है, जो विंडो सीट है। वहीं मिश्रा की सीट 8सी थी, जो उनके ठीक आगे वाली लाइन में किनारे की तरफ थी। वहीं मिश्रा के बगल में विंडो सीट 8A, अमेरिका में रहने वाले ऑडियोलॉजिस्ट सुगाता भट्टाचार्जी बैठे थे। शिकायतकर्ता के बगल वाली सीट 9C, पर एक अन्य बुजुर्ग महिला बैठी थी।

मिश्रा ने तर्क दिया कि वह शिकायतकर्ता महिला पर पेशाब नहीं कर सकता था क्योंकि वह खिड़की वाली सीट (9ए) पर बैठी थी और उससे पहले किनारे वाली सीट (9ए) पर एक दूसरी यात्री बैठी थी, जिसके चलते वह महिला की सीट तक नहीं पहुंच सकता था। सीटिंग प्लान को आप नीचे दिए तस्वीरे में भी देख सकते हैं-

एक्सपर्ट्स का क्या है कहना?

एविएशन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बिजनेस क्लास की सीटों में यात्रियों के पास आगे पैर फैलाने आदि के लिए ठीक-ठाक जगह होती है और विंडो सीट तक किसी का पहुंचना इस बात पर निर्भर करेगा कि उसके किनारी वाली सीट पूरी तरह से पीछे की तरफ झुकी थी या सीधी थी। उन्होंने कहा कि अगर किनारे वाली 9C झुकी हुई होगी, तो 9A तक पहुंचना कठिन होगा। वहीं अगर 9C सीट सीधी होगी, तो फिर विंडो सीट तक जाने में कोई दिक्कत नहीं होगी।

एयर इंडिया के एक प्रवक्ता ने मनीकंट्रोल के सवालों के जवाब में कहा, “यह मामला फिलहाल कोर्ट में चल रहा है और पुलिस सहित विभिन्न एजेंसियां इसकी जांच की जा रही है और संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है। इसलिए, हम इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहेंगे।”

अब तक कहां पहुंचा मामला?

महिला की शिकायत के आधार पर, बीते 4 जनवरी को आरोपी शंकर मिश्रा के खिलाफ आईपीसी की धारा 294 (सार्वजनिक स्थान पर अश्लील हरकत), 354 और 509 (एक महिला की शील भंग करना), 510 (नशे में सार्वजनिक तौर पर गलत व्यवहार करना) और एविएशल रूल्स की धारा 23 के तहत (विमान पर हमला या डराना) के तहत मामला दर्ज किया गया था।

FIR दर्ज होने के बाद मिश्रा कुछ दिनों तक फरार थे और उन्हें नौकरी से भी निकाल दिया गया। एयर इंडिया ने उन्हें नो फ्लाई लिस्ट में डाल दिया है। आखिरकार 6 जनवरी को उन्हें बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया और कोर्ट ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

कई सवाल बाकी

सीटिंग प्लान से जो भी दिखता है, उसके बावजूद अभी भी इस घटना से जुड़े कई सवाल बाकी है।

उदाहरण के लिए क्या शिकायतकर्ता और आरोपी असल में अपनी सीट पर ही बैठे थे? क्या यह संभव है कि शिकायतकर्ता महिला ने अपनी सीट बगल वाली यात्री से अदला-बदला की हो? क्या घटना के समय महिला के बगल वाला यात्री अपनी सीट पर नहीं था?

इस मामले में भट्टाचार्जी का बयान कितना विश्वसनीय है? भट्टाचार्जी, शंकर मिश्रा के बगल में और शिकायतकर्ता महिला के ठीक आगे वाली सीट पर बैठे थे और उन्होंने कथित तौर पर महिला के दावे का समर्थन किया है।

मामले की जांच करने वाले अधिकारियों ने कोर्ट ने बताया कि अभी तक इस मामलों में सात गवाहों से पूछताछ की गई है और छह और लोगों से पूछताछ की जानी है। इनमें चार फ्लाइट के कर्मचारी और दो यात्री शामिल हैं। देखना होगा कि ये क्या बताते हैं?

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