माइक्रोप्लास्टिक पर एक रिसर्च से बड़ा खुलासा हुआ है। इसमें माइक्रोप्लास्टिक पर करीब 7000 स्टडीज पर एक विश्लेषण किया गया है। साइंस मैगजीन के मुताबिक एक रिसर्च पेपर से पता चला है कि 20 सालों से धीरे-धीरे माइक्रोप्लास्टिक जंगली जानवरों में और लोगों के शरीर में कई कण की मौजूदगी पाई गई है। माइक्रोप्लास्टिक बड़े पैमाने पर फैले हुए हैं। इस स्टडी से पता चला है कि माइक्रोप्लास्टिक खान-पान के जरिए शरीर के अंदर आसानी से आ रही है। माइक्रो प्लास्टिक के कण शरीर में तेजी से बढ़ रहे हैं। सेहत के लिए यह किसी टाइम-बम की तरह बन चुके है। यह जानलेवा साबित हो सकता है।
