Millets: कुछ समय पहले तक मोटे अनाजों को कोई अहमियत नहीं दी जाती थी। लोग इन्हें गरीबों का भोजन कहा करते थे। लेकिन शरीर के लिए असली ताकत इन्हीं से आती है। आज मोटे अनाज हमारी डाइट का अहम हिस्सा होना बेहद जरूरी है। इससे हमारी बॉडी के पोषक तत्वों की जरूरतों को पूरा किया जा सकता है। इनके सेवन से शरीर में मजबूती आती है। ज्वार, बाजरा, जौ, रागी आदि अनाजों को मोटे अनाज की श्रेणी में रखा गया है। अंग्रेजी भाषा में इन अनाजों को मिलेट कहा जाता है। इनके सेवन से डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल जैसी कई बीमारियां कोसों दूर रहती हैं। आज मोटे अनाजों की कीमतों में काफी तेजी आई है।
साल 2023 को संयुक्त राष्ट्र संघ ने अन्तर्राष्ट्रीय पोषक अनाज वर्ष घोषित किया है। यानी यह साल अन्तर्राष्ट्रीय मिलेट वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। फिलहाल मिलेट वर्ग के अनाजों में बाजरा, रागी, कुटकी, संवा, ज्वार, कंगनी, चेना और कोदो को शामिल किया गया है। मोटे अनाजों में भरपूर मात्रा में डाइट्री फाइबर होता है। इनमें फैट न के बराबर पाया जाता है। यह वजह है कि ये अनाज पेट को ठंडा रखते हैं। इनके सेवन से बीमारियों का जोखिम कम हो सकता है।
गर्मी में खाएं ये मोटे अनाज
ज्वार को पहले लोग सिर्फ जानवरों को खिलाते थे लेकिन आज यह सुपरफूड है। ज्वार की तासीर ठंडी होती है। ऐसे में इसे खाने से पेट हमेशा ठंडा रहेगा। यह एक ऐसा मोटा अनाज है, जिसे पूरे साल आराम से खा सकते हैं। ये प्रोटीन, आयरन, फाइबर से भरपूर होते हैं। इसके सेवन से बैड कोलेस्ट्रॉल को करने में मदद मिलती है। इसके अलावा ज्वार ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में भी सहायक होता है। ये हार्ट के लिए भी बेहद फायदेमंद माना गया है। ऐसे में गेहूं से बनी रोटी की जगह आप ज्वार से बनी रोटियां खा सकते हैं। ज्वार में विटमिन बी कॉम्प्लेक्स बहुत अधिक मात्रा में पाया जाता है।
रागी को फिंगर मिलेट कहा जाता है। रागी में पोलिफिनॉल फोटोकेमिकल और डाइट्री फाइबर होता है। इससे कई तरह की बीमारियों से लड़ने में मदद मिलती है। लाल दानेदार इस मोटे अनाज में कैल्शियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है। रागी की रोटी बनाकर लोग खाते हैं।
बाजरा भी मिलेट में ही आता है। बाजरे की रोटी बेहद स्वादिष्ट होती हैं। बाजरे में भरपूर मात्रा में कैल्शियम, प्रोटीन, आयरन, फाइबर, मैग्नीशियम, थियामिन, नियासिन, राइबोफ्लोबिन जैसे कई तरह के विटामिंस और मिनिरल्स एक साथ पाए जाते हैं। बाजरे के सेवन से डायबिटीज को कंट्रोल किया जा सकता है और हार्ट के हेल्थ को मजबूत किया जा सकता है। सर्दी में लोग इसे ज्यादा खाते हैं।
जौ एक एक ऐसा मोटी अनाज है, जिसका सेवन सेहत के लिए काफी फायदेमंद है। जौ की तासीर ठंडी होती है। इसमें फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स बेहद कम होता है। ब्लड शुगर के मरीजों के लिए यह काफी फायदेमंद माना जाता है।
डाइट में धीरे-धीरे बढ़ाएं मोटे अनाज की मात्रा
मोटे अनाज का सेवन धीरे-धीरे बढ़ाया जाना चाहिए। एकदम से अधिक सेवन करने से पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। मोटे अनाज को धीरे-धीरे अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए और किसी भी प्रकार की पाचन संबंधी परेशानी से बचने के लिए, अनाजों को किसी भी प्रकार के व्यंजन में उपयोग करने से पहले पानी में भिगोकर फुला लेना चाहिए।