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ये हैं दुनिया की सबसे महंगी पत्तियां, एक किलो पत्ती में मिल जाएंगे 9 लग्जरी फ्लैट

World's Most Expensive Tea: आमतौर पर सभी को सुबह की चाय की चुस्कियां पसंद होती है। आज हम ऐसी चाय की पत्ती के बारे में बात कर रहे हैं। जिसके एक किलो की कीमत 9 करोड़ रुपये है। इतने में आपको आराम से मुंबई-दिल्ली जैसे शहरों में 9 लग्जरी फ्लैट मिल जाएंगे। दुनिया की सबसे महंगी चाय पत्ती चीन में मिलती है

Edited By: Jitendra Singhअपडेटेड Jun 22, 2023 पर 4:57 PM
ये हैं दुनिया की सबसे महंगी पत्तियां, एक किलो पत्ती में मिल जाएंगे 9 लग्जरी फ्लैट
World's Most Expensive Tea: दुनिया की इस महंगी चाय पत्ती का नाम डा-होंग पाओ टी (Da-Hong Pao Tea) है। इसे हेल्थ के लिए काफी अच्छा माना जाता है

World's Most Expensive Tea: सुबह की शुरुआत सभी की चाय (Tea) के साथ होती है। कई लोग ऐसे हैं जो सुबह चाय न पिएं तो उन्हें पूरे दिन आलस आता रहता है। दुनिया भर में कई तरह के फ्लेवर्स की चाय मिलती हैं। जिन्हें पीने के बाद स्वाद का मजा ही कुछ और होता है। आपने बाजार में कई रेट की चायपत्ती (Tea Leaf) देखी होंगी। कई महंगी और कुछ सस्ती चायपत्ती भी देखी होंगी। लेकिन क्या आपने ऐसी चायपत्ती देखी है। जिसके एक किलो पैकेट की कीमत 9 करोड़ रुपये है। इस चाय की पत्ती का नाम डा होंग पाओ टी (Da Hong Pao Tea) है। यह चीन में पाई जाती है।

आप सोच रहे होंगे कि आखिर इस चा की पत्ती के दाम इतने महंगे क्यों हैं? इस चाय की जो कीमत है उसमें आराम से लग्जरी कार (Luxary Car) खरीदी जा सकती है। लग्जरी फ्लैट खरीद सकते हैं। ये चायपत्ती किसी खास वजह से ही इतनी महंगी है। आइये जानते हैं दुनिया की इस सबसे महंगी चायपत्ती के बारे में।

डा होंग पाओ टी

दुनिया की सबसे महंगी चायपत्ती चीन (China) में मिलती है। ये चायपत्ती चीन (China) के फुजियान के वूईसन इलाके में ही मिलती है। इसकी खेती यहीं होती है। इसकी एक किलो की कीमत 9 करोड़ रुपये है। यह चाय पत्ती आसानी से नहीं मिलती है। लिहाजा इसके दाम ज्यादा हैं। चीन में इसके अभी सिर्फ 6 प्लांट ही बचे हैं। इनसे भी साल भर में बहुत ही कम मात्रा में ये चायपत्ती मिल पाती है। डा-होंग पाओ टी (Da-Hong Pao Tea) की पत्तियां काफी कम मात्रा में होती हैं। ऐसे में इसकी ओरिजनल पत्तियां काफी महंगी आती है। कई जगहों पर इस पत्ती के 10 ग्राम के लिए लोग 10 से 20 लाख रुपये तक चुकाते हैं। सिर्फ एक ही ख़ास पेड़ से इसकी पत्तियां चुनी जाती है। आम चायपत्ती की तरह इसकी खेती नहीं की जाती है।

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