गर्मी का असर अभी से दिखने लगा है, और फरवरी-मार्च में ही सूरज के तेवर तीखे हो गए हैं। तापमान लगातार ऊपर चढ़ रहा है, जिससे लोग पहले ही पंखे, कूलर और एसी का सहारा लेने लगे हैं। लेकिन अगर आपको लग रहा है कि गर्मी की असली मार यही है, तो जरा रुकिए। असली चुनौती मई-जून में आने वाली है, जब बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकती है। भारत के टॉप ग्रिड ऑपरेटर ने चेतावनी जारी की है कि इन महीनों में बिजली की भारी किल्लत हो सकती है, जिससे देशभर में पावर कट की समस्या गहरा सकती है।
