Get App

'...विश्व सम्मेलनों में मुंह छिपाना पड़ता है': ऐसा क्यों बोले नितिन गडकरी, वीडियो हुआ वायरल

Road Accidents in India: केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि जब तक समाज का सहयोग नहीं मिलेगा, मानवीय व्यवहार नहीं बदलेगा और कानून का डर नहीं होगा, तब तक सड़क हादसों पर अंकुश नहीं लगेगा। उनके अनुसार, देश में हर साल 1.7 लाख से अधिक लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में हो जाती है

Akhileshअपडेटेड Dec 12, 2024 पर 3:57 PM
'...विश्व सम्मेलनों में मुंह छिपाना पड़ता है': ऐसा क्यों बोले नितिन गडकरी, वीडियो हुआ वायरल
Road Accidents in India: केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सड़क हादसों के गंदे रिकॉर्ड के कारण विश्व सम्मेलनों में अपना मुंह छिपाता हूं

Road Accidents in India: केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार (12 दिसंबर) को लोकसभा में कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को लेकर भारत का रिकॉर्ड इतना गंदा है कि उन्हें विश्व सम्मेलनों में मुंह छिपाना पड़ता है। उन्होंने सदन में प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवालों का जवाब देते हुए कहा कि उनके मंत्रालय के तमाम प्रयासों के बावजूद सड़क हादसों में कमी नहीं आई, बल्कि इसमें वृद्धि हो गई। गडकरी ने भारत में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर गहरा खेद व्यक्त किया। उन्होंने स्वीकार किया कि पदभार ग्रहण करने के बाद से वे दुर्घटनाओं में मृत्यु दर को 50 प्रतिशत तक कम करने के अपने महत्वाकांक्षी लक्ष्य को पूरा करने में विफल रहे हैं।

पीटीआई के मुताबिक, गडकरी ने कहा, "जब तक समाज का सहयोग नहीं मिलेगा, मानवीय व्यवहार नहीं बदलेगा और कानून का डर नहीं होगा, तब तक सड़क हादसों पर अंकुश नहीं लगेगा।" उनके अनुसार, देश में सड़क हादसों की संख्या लगातार बढ़ रही है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि हर साल 1.7 लाख से अधिक लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में हो जाती है।

गडकरी ने कहा, "इतने लोग न लड़ाई में मरते हैं, न कोविड में मरते हैं और न ही दंगे में मरते हैं।" उन्होंने कहा, "मैं विश्व सम्मेलनों में जाता हूं तो मुंह छिपाता हूं। (दुर्घटनाओं का) सबसे गंदा रिकॉर्ड हमारा है।"

उचित इलाज नहीं मिलने से मौत

सब समाचार

+ और भी पढ़ें