कोरोना ने बढ़ाई डबल टेंशन, दो और हाइब्रिड Covid स्ट्रेन आए सामने, जानिए कितना है खतरनाक

एक्सपर्ट्स का मानना है कि इन सभी रीकॉम्बीनैंट के बनने पर नजर बनाए रखना जरूरी है। जितना संभव हो सके उन्हें अलग करें और उनकी पहचान करने की कोशिश करनी चाहिए

अपडेटेड Mar 31, 2022 पर 8:32 AM
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दो और हाइब्रिड मिलने से बढ़ी चिंता!

दुनिया भर के कई देशों में कोरोना संक्रमण चीते की रफ्तार से बढ़ रहा है। कोरोना वायरस महामारी है कि थमने का नाम नहीं ले रही है। कई देशों में इसका कहर जारी है। ओमिक्रोन और डेल्टा का संयुक्त वायरस (Omicron+Delta Recombinant) के बाद अब ओमीक्रोन से जुड़े रीकॉम्बीनैंट स्ट्रेन का पता चला है। इन तीन स्ट्रेन में से, दो ओमीक्रोन और डेल्टा (अलग वर्जन) के कॉम्बिनेशन हैं, जबकि तीसरा दो अलग-अलग ओमीक्रोन सब-वेरिएंट (BA.1 और BA.2) की मिक्सिंग से सामने आया है।

एक मीडिया रिपोर्ट में यूके स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी (UKHSA) की एक स्टडी के हवाले से कहा गया है कि डेल्टा और BA.1 के दो अलग-अलग कॉम्बिनेशन XD और XF हैं। तीसरा XE है। XD फ्रेंच डेल्टा x BA.1 वंश का नया नाम है। इसमें BA.1 का स्पाइक प्रोटीन और डेल्टा का बाकी जीनोम होता है। इसमें मौजूदा समय में 10 सीक्वेंस शामिल हैं।

इसमें आगे कहा गया है कि XF एक यूके डेल्टा x BA.1 वंश से जुड़ा है। इसमें BA.1 से स्पाइक और स्ट्रक्चरल प्रोटीन होते हैं, लेकिन डेल्टा से इसके जीनोम का 5’ हिस्सा होता है। इसमें मौजूदा समय में कई दसियों सीक्वेंस शामिल हैं। वहीं XE एक बड़ा यूके BA.1 x BA.2 वंश है। इसमें BA.2 से स्पाइक और स्ट्रक्चरल प्रोटीन होते हैं, लेकिन BA.1 से इसके जीनोम का 5' हिस्सा होता है। इसमें मौजूदा समय में कई सौ सीक्वेंस शामिल हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि रीकॉम्बीनैंट, जिनमें एक ही वायरस (जैसे XE या XF) से स्पाइक और स्ट्रक्चरल प्रोटीन होते हैं, उनके ओरिजनल या पैरेंटल वायरस की तरह काम करने की काफी संभावना रहती है।


रीकॉम्बीनैंट पर नजर रखना बेहद जरूरी

जैसे कि XD फ्रेंच डेल्टा x BA.1 वंश का नया नाम है। यह जर्मनी, नीदरलैंड और डेनमार्क में पाया गया है। इसमें डेल्टा से स्ट्रक्चरल प्रोटीन शामिल हैं। अगर इनमें से कोई भी रीकॉम्बीनैंट अपने पैरेंटल के मुकाबले बेहद अलग तरीके से काम करता है तो यह XD हो सकता है। इसमें आगे कहा गया है कि इन सभी रीकॉम्बीनैंट के बनने पर पैनी नजर बनाए रखना जरूरी है। जितना संभव हो सके उन्हें अलग करें और उनकी पहचान करने की कोशिश करनी चाहिए।

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एक्सपर्ट्स का कहना है कि, यह भी संभव हो सकता है कि कोरोना वायरस खुद सबसे पहले रिकॉम्बिनेशन के जरिए ही बना हो। यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लासगो के वैज्ञानिकों ने पिछले महीने एक स्टडी प्रकाशित की थी, जिसमें यह संकेत दिया था कि ऐसा संभव है कि वुहान के सीफूड मार्केट में कोई जानवर दो कोरोना वायरसों से संक्रमित हो गया हो और इन दोनों वायरस ने कोरोना के शुरूआती वर्जन को जन्म दिया है, जैसे अभी ओमिक्रोन और डेल्टा वेरिएंट मिले हैं।

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