कोरोनावायरस संक्रमण के मामले देश भर में कम हो रहे हैं। लेकिन जिस तरह चीन, फ्रांस सहित दुनिया के दूसरे देशों में संक्रमण के नए मामले बढ़ रहे हैं, इस बात की आशंका है कि जल्दी ही भारत में चौथी लहर का खतरा मंडरा सकता है। ओमीक्रोन के नए सबवेरिएंट बीए.2 ( BA.2 Omicron) की वजह से अभी भी टेंशन बढ़ी हुई है।
एक स्टडी के मुताबिक, कोरोना वायरस के ओमीक्रोन वेरिएंट का सबवेरिएंट BA.2 का संक्रमण न सिर्फ तेजी से फैलता है बल्कि बीमारी की गंभीरता भी ज्यादा है।
BA.2 वेरिएंट ओमिक्रोन से भी तेजी से फैल सकता है और ये कितना घातक होगा। फिलहाल, इस पर अभी भी जांच चल रही है। BA.2 सब वेरिएंट डेनमार्क, यूके, पाकिस्तान और इंडिया के कुछ हिस्सों में पाया गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि वो ओमिक्रोन के BA.2 सबवेरिएंट पर नजरें गड़ाकर बैठा है।
WHO उन देशों की निगरानी कर रहा है जिनमें कोविड -19 तीसरी लहर के दौरान ओमीक्रोन मामलों में तेजी देखी गई थी। WHO उन देशों की इसलिए निगरानी कर रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ओमीक्रोन के सब-लाइनेज BA.1 और BA.2 के लिए पुन: संक्रमण का खतरा है या नहीं।
WHO ने कहा कि अगर BA.2 केसों में वृद्धि हुई तो इसका मतलब होगा कि फिर से संक्रमण होने की संभावना है। डब्ल्यूएचओ उन सभी देशों पर कड़ी निगरानी रख रहा है जहां BA.2 संक्रमणों की संख्या अधिक है। WHO के आधिकारिक बयान में कहा गया है कि BA.1 की तुलना में BA.2 के साथ पुन: संक्रमण के जोखिम का मूल्यांकन कर रहे हैं।
WHO ने कहा कि BA.2, BA.1 की तुलना में अधिक संक्रामक है, लेकिन सब-वेरिएंट अधिक गंभीर नहीं है। WHO में कोविड-19 टेक्निकल लीड मारिया वान केरखोवा ने कहा कि सभी सब-वेरिएंट BA.2, BA.1 की तुलना में ज्यादा संक्रामक हैं। लेकिन बीमारी की गंभीरता के मामले में कोई अंतर नहीं है।
टोक्यो यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के नेतृत्व में एक जापानी टीम ने पाया कि BA.1, BA.2 के समान ओमीक्रोन का सब-वेरिएंट काफी हद तक कोविड-19 वैक्सीन से तैयार इम्यूनिटी से बच जाता है। अध्ययन के लेखकों ने कहा कि प्रयोगों से पता चला है कि वैक्सीन से तैयार इम्यूनिटी BA.2 की तरह BA.1 के खिलाफ काम करने में नाकाम रहती है।
कहां से शुरू हुआ था संक्रमण
ओमीक्रोन के शुरूआती मामले पहली बार नवंबर 2021 में बोत्सवाना और दक्षिण अफ्रीका से आए थे। इसका BA.1 सब-वेरिएंट तब से दुनिया भर में तेजी से फैल चुका है और डेल्टा जैसे अन्य वेरिएंटों पर हावी हो गया है।
इस साल फरवरी तक, डेनमार्क और ब्रिटेन जैसे कई देशों में ओमीक्रोन के एक अन्य वेरिएंट BA.2 सब-लाइनेज का पता लगाया गया। शोधकर्ताओं ने कहा है कि BA.2 ने BA.1 को पीछे छोड़ना शुरू कर दिया है। इससे पता चलता है कि यह मूल ओमीक्रोन वेरिएंट की तुलना में अधिक संक्रामक है।