पूरी दुनिया में कोरोना वायरस महामारी से हड़कंप मच गया था। करीब 3 साल तक लोग घरों में कैद होने के मजहबूर हो गए। हर तरफ लाशों का अंबार लगा था। न जाने के कितने बेगुनाह लोग एक एक झटके में ताबूत बनते जा रहे थे। यह वो दौर था, जिसमें लोगों की नौकरियां भी चली गईं। बहुत से लोगों के खाने के लाले पड़ गए। कुछ ऐसा ही महाराष्ट्र के पप्पू शिंदे के साथ भी हुआ। कोरोना काल में पप्पू की नौकरी चली गई। वो एक बड़ी कंपनी में बतौर सुरवाइजर काम कर रहे थे। ऐसे में पप्पू शहर की अपनी जिंदगी छोड़कर अपने गांव लौट गए। यहां उन्होंने लकड़ी की ऑयल एक्सपेलर मशीन लगाई। इससे आज बंपर कमाई कर रहे हैं। लकड़ी की बनी हुई घानी में तेल पेरने का कारोबार शुरू किया।
