Enemy Property: यूपी में मौजूद है परवेज मुशर्रफ की करोड़ों की जमीन, नीलाम करने जा रही योगी सरकार

Enemy Property: उत्तर प्रदेश के बागपत में पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ की जमीन आधिकारिक तौर पर शत्रु संपत्ति घोषित कर दी गई है। अब इसकी नीलामी की तैयारी की जा रही है। इससे पहले हाल ही में परवेज मुशर्रफ के भाई की 13 बीघा जमीन की नीलामी की गई थी, जिसे 1.40 करोड़ रुपये में बेचा गया था

अपडेटेड Sep 25, 2024 पर 5:11 PM
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Enemy Property: आपको जानकर हैरानी होगी कि परवेज मुशर्रफ की जमीन अभी भी यूपी में मौजूद है

Enemy Property in UP: आप यह जानकर चौंक जाएंगे कि पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ की संपत्ति अभी भी उत्तर प्रदेश में मौजूद है। जी हां, बागपत जिला प्रशासन ने पाकिस्तान के दिवंगत तानशाह राष्ट्रपति के परिवार के लोगों की 66 बीघा जमीन को शत्रु संपत्ति घोषित कर दिया है। दस्तावेजों में जमीन को शत्रु संपत्ति घोषित कर प्रशासन अब ऑनलाइन नीलाम करने की तैयारी कर रहा है। देश के अलग-अलग राज्यों के लोग बागपत के कोताना गांव में पूर्व पाक राष्ट्रपति की जमीन देखने के लिए पहुंच रहे हैं।

बागपत के जिला मजिस्ट्रेट जेपी सिंह ने पुष्टि की है कि जमीन को आधिकारिक तौर पर 'शत्रु संपत्ति' घोषित कर दिया गया है। अब इसकी नीलामी की तैयारी चल रही है। यह कदम मुशर्रफ के भाई की 13 बीघा जमीन की हाल ही में हुई नीलामी के बाद उठाया गया है, जिसमें 1.40 करोड़ रुपये मिले थे।

बागपत के डीएम जेपी सिंह ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार, पाकिस्तान चले गए लोगों के नाम दर्ज संपत्ति को शत्रु संपत्ति घोषित कराया गया है। पूर्व की तरह इसकी भी नीलामी की तैयारी की जा रही है।


बागपत में ही रहता था परिवार

रिपोर्ट के मुताबिक, आजादी के पहले परवेज मुशर्रफ का परिवार बागपत के कोताना गांव (Kotana village in Bagpat) में रहता था। फिर भारत के बंटवारे के बाद उनका परिवार पाकिस्तान चला गया था, लेकिन उनकी जमीन और हवेली यहीं रह गई थी। बता दें कि परवेज मुशर्रफ का 79 वर्ष की उम्र में 5 फरवरी 2023 को दुबई में निधन हो गया था।

भारी की संपत्ति नीलाम

हाल ही में परवेज मुशर्रफ के भाई की संपत्ति को यूपी प्रशासन ने शत्रु संपत्ति घोषित कर नीलामी कराया था। 13 बीघा जमीन को ऑनलाइन नीलामी में 1.40 करोड़ रुपये मिले थे। उस जमीन को बागपत के रहने वाले दो किसानो ने खरीदा था। दरअसल, जितने भी लोग जो पाकिस्तान चले गए लेकिन उनकी कृषि जमीन और अन्य परिजनों की संपत्ति यहां पड़ी हुई थी। उस पर लोग अवैध कब्जा कर खेती बाड़ी का काम कर रहे थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ जमीन को फर्जीवाड़ा कर कई लोगों ने अपने नाम दर्ज करवा लिया था। इतना ही नहीं उसे उन्होंने बैनामा कर बेच भी दिया था। इसी के आधार पर लोग अदालत भी चले गए थे, लेकिन कोर्ट ने कई साल पहले वाद का निस्तारण कर दिया था। इसके बाद यूपी सरकार ने अब पाकिस्तान के लोगों के नाम दर्ज सभी संपत्तियों की तलाश कर शत्रु संपत्ति घोषित करा रही है।

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इस तलाश के बाद बागपत प्रशासन ने मुशर्रफ के परिवार से जुड़ी 66 बीघा अतिरिक्त भूमि की पहचान की है, जिसे जल्द ही नीलाम करने की योजना है। जमीन की बिक्री से मिलने वाली आय काफी होने की उम्मीद है, जिससे जिले के कोष में संभावित रूप से करोड़ों रुपये जुड़ सकते हैं।

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