पाकिस्तानी भिखारियों से सऊदी अरब हुआ परेशान, शहबाज सरकार को दे दी कार्रवाई की चेतावनी

Pakistan Beggars in Saudi Arabia: सऊदी अरब ने धार्मिक तीर्थयात्रा की आड़ में खाड़ी देश में आने वाले भिखारियों के बारे में पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी जारी की है। सऊदी अरब ने इस्लामाबाद से कहा है कि इस पर नियंत्रण न होने से उनके हज यात्री प्रभावित होंगे

अपडेटेड Sep 25, 2024 पर 1:12 PM
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Pakistan Beggars in Saudi Arabia: सऊदी अरब ने पाकिस्तान से हज के बहाने आ रहे भिखारियों पर रोक लगाने की अपील की है

Pakistan Beggars in Saudi Arabia: सऊदी अरब सरकार के लिए पाकिस्तानी भिखारी एक नया सिरदर्द बन गए हैं। सऊदी अरब ने उमराह और हज की आड़ में अपने देश में आने वाले पाकिस्तानी भिखारियों की बढ़ती संख्या पर चिंता जताई है। सऊदी अरब ने साथ ही पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार से उन्हें खाड़ी देश में प्रवेश करने से रोकने के लिए कार्रवाई करने को कहा है। सऊदी ने पाकिस्तान के धार्मिक मामलों के मंत्रालय से कहा है कि वह ऐसे लोगों को वीजा मिलने और भीख मांगने के लिए उनके क्षेत्र में प्रवेश करने से रोके।

पिछले साल की एक रिपोर्ट से पता चलता है कि विदेशों में गिरफ्तार किए गए 90 प्रतिशत से अधिक भिखारी पाकिस्तान से ही आते हैं। सऊदी अरब ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि वह उमराह और हज वीजा के तहत देश में आ रहे भिखारियों पर गंभीरता से और तत्काल ध्यान दे।

पाकिस्तान के धार्मिक मामलों के मंत्रालय के सूत्रों का हवाला देते हुए 'एक्सप्रेस ट्रिब्यून' अखबार ने अपनी खबर में बताया कि सऊदी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति को नियंत्रित नहीं किया गया तो इसका पाकिस्तान के उमराह और हज यात्रियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।


खबर में कहा गया, "सऊदी हज मंत्रालय ने पाकिस्तान के धार्मिक मामलों के मंत्रालय को चेतावनी जारी की है। इसमें उमराह वीजा के तहत पाकिस्तानी भिखारियों को खाड़ी देश में प्रवेश करने से रोकने के लिए कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है।"

पाकिस्तान बदलेगा कानून

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, इस चेतावनी के बाद पाकिस्तान के धार्मिक मामलों के मंत्रालय ने "उमराह अधिनियम (Umrah Act)" लाने का फैसला किया है। इसका उद्देश्य उमराह की व्यवस्था करने वाली ट्रैवल एजेंसियों को विनियमित करना और उन्हें कानूनी निगरानी के तहत लाना है।

इससे पहले, सऊदी राजदूत नवाफ बिन सैद अहमद अल-मलिकी के साथ बैठक में गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने उन्हें आश्वासन दिया था कि सऊदी अरब में भिखारियों को भेजने के लिए जिम्मेदार माफिया के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

आपको बता दें कि तमाम रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि पाकिस्तानी भिखारी उमराह और हज की आड़ में खाड़ी देश की यात्रा करते हैं। ज्यादातर लोग उमराह वीजा पर सऊदी अरब जाते हैं। फिर वहां भीख मांगने से जुड़ी गतिविधियों में शामिल हो जाते हैं।

विदेश में अरेस्ट 90 फीसदी होते हैं पाक भिखारी

'डॉन' की एक रिपोर्ट के अनुसार, विदेशों में गिरफ्तार किए गए भिखारियों में से 90 प्रतिशत पाकिस्तान के हैं। विदेशी पाकिस्तानियों पर सीनेट की स्थायी समिति को बताया गया कि देश छोड़ने वाले सभी लोगों में से सबसे अधिक भिखारी देश छोड़ रहे हैं। विदेश मंत्रालय के सचिव जुल्फिकार हैदर ने यह खुलासा सीनेट पैनल में कुशल और अकुशल श्रमिकों के देश छोड़ने के मुद्दे पर चर्चा के दौरान किया।

हैदर ने कहा कि करीब 30 लाख पाकिस्तानी सऊदी अरब में हैं। जबकि 15 लाख पाकिस्तानी UAE में हैं, जबकि 0.2 लाख कतर में हैं। हैदर ने समिति को बताया कि कई भिखारी सऊदी अरब, ईरान और इराक की यात्रा करने के लिए तीर्थयात्री वीजा का फायदा उठाते हैं। वहां पहुंचने के बाद वे भीख मांगना शुरू कर देते हैं।

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'एक्सप्रेस ट्रिब्यून' ने हैदर के हवाले से कहा, "भिखारी पाकिस्तान से बड़ी संख्या में जा रहे हैं। अक्सर नावों में भरकर यात्रा करते हैं और फिर उमराह और यात्रा वीजा का फायदा उठाकर विदेश में तीर्थयात्रियों से भीख मांगते हैं।" हैदर ने कहा कि मक्का की ग्रैंड मस्जिद सहित पवित्र स्थलों पर 'बड़ी संख्या में जेबकतरे' गिरफ्तार किए गए हैं। इन लोगों की पहचान पाकिस्तानी नागरिक के रूप में की गई है।

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