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Porbandar Airport: गुजरात के पोरबंदर में भीषण हादसा, हेलीकॉप्टर क्रैश, 3 लोगों की मौत

Porbandar Airport: गुजरात के पोरबंदर में इंडियन कोस्टगार्ड का हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया। हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, कोस्टगार्ड का हेलीकॉप्टर ध्रुव नियमित उड़ान पर था। फिलहाल इस बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं जारी किया गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि दुर्घटना किस वजह से हुई, इसकी जांच जल्द ही शुरू हो जाएगी

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 05, 2025 पर 2:28 PM
Porbandar Airport: गुजरात के पोरबंदर में भीषण हादसा, हेलीकॉप्टर क्रैश, 3 लोगों की मौत
Porbandar Airport: गुजरात के पोरबंदर में भारतीय तटरक्षक बल का एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। इसमें तीन लोगों की मौत हो गई है।

गुजरात के पोरबंदर एयरपोर्ट पर एक भीषण हादसे की खबर सामने आई है यहां तटरक्षक बल का एक हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया है। इस हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई है. इसके अलावा कई लोगों के घायल होने की खबर भी है। घायलों को इलाज के लिए सिविल अस्पताल भर्ती कराया गया है। जो हेलिकॉप्टर क्रैश हुआ है वो ALH-ध्रुव हेलीकॉप्टर है। गुजरात के पोरबंदर में एक नियमित प्रशिक्षण उड़ान के दौरान यह क्रैश हो गया। चालक दल के तीन सदस्यों की दुखद मौत हो गई। हेलिकॉप्टर के गिरते ही उसमें आग लग गई। इंडियन कोस्टगार्ड ने बताया कि हेलिकॉप्टर में 2 पायलट समेत 3 लोग सवार थे।

घटना के बाद संबंधित विभागों ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के पीछे की वजहों का पता लगाया जा रहा है। शुरुआती जानकारी में पता चला है कि उड़ान भरने के दौरान हेलीकॉप्टर में तकनीकी खराबी आई। जिसके बाद वो क्रैश हो गया। इस हादसे पर अब तक कोस्टगार्ड की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं जारी किया गया है।

क्या है ALH-ध्रुव हेलीकॉप्टर की खासियत

जो हेलीकॉप्टर क्रैश हुआ है, वह ALH-ध्रुव हेलीकॉप्टर है। ALH-ध्रुव हेलीकॉप्टर को किसी भी मौसम में इस्तेमाल किया जा सकता है। यही इसकी सबसे बड़ी खासियत है। इसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने बनाया है। सुरक्षा बल इस हेलिकॉप्टर का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करते हैं। साल 2002 से से सेना इसका इस्तेमाल कर रही है। इस हेलीकॉप्टर में शक्ति इंजन लगा हुआ है। जो परिचालन और अतिरिक्त पेलोड क्षमता को पूरा करता है। इसे पहाड़ी, दुर्गम और बीहड़ क्षेत्रों में भी तैनात किया जा सकता है। इसे राहत-बचाव कार्य और कार्गो जैसे कामों को देखते हुए डिजाइन किया गया है। इसे सेना, नौसेना, वायु सेना और तटरक्षक बल सभी लोग इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा ध्रुव को नेपाल, मॉरीशस और मालदीव जैसे देशों में निर्यात किया गया है।

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