कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) नेशनल हेराल्ड से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के समक्ष पेश हुए। इस मौके पर कांग्रेस ने देश भर में ईडी कार्यालयों के बाहर ‘सत्याग्रह’ का फैसला किया है। दिल्ली में भी कांग्रेस बड़े पैमाने पर शक्ति प्रदर्शन की तैयारी की थी। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस मुख्यालय के आसपास के रास्तों पर बैरिटेक लगा दिए हैं और मार्च निकालने की अनुमति नहीं दी है।
राहुल गांधी के साथ उनकी बहन और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी मौजूद है। दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ईडी दफ्तर पहुंचने से पहले ही रोक दिया है। नेशनल हेराल्ड मामले में ED के सामने पेश होने से पहले राहुल गांधी ने सैकड़ों पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ प्रवर्तन निदेशालय कार्यालय तक मार्च निकाला।
पुलिस ने लुटियंस जोन को पूरी तरह से सील कर दिया है। साथ ही ईडी दफ्तर की तरफ आने वाले रास्तों पर पूरी तरह से बैरिकेडिंग कर दी गई है। कांग्रेस कार्यकर्ता ईडी दफ्तार के बाहर सड़क पर बैठकर नारेबाजी कर रहे हैं। पुलिस कार्यकर्ताओं का हाथ-पांव पकड़कर गाड़ी में बिठा रही है।
ED ने ‘नेशनल हेराल्ड’ से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में राहुल गांधी को पूछताछ के लिए बुलाया है। जांच एजेंसी ने इससे पहले राहुल गांधी को दो जून को पेश होने के लिए कहा था, लेकिन उन्होंने पेश होने के लिए कोई दूसरी तारीख देने का अनुरोध करते हुए कहा था कि वह देश से बाहर हैं।
सोनिया गांधी को भी किया है तलब
जांच एजेंसी ने इसी मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भी 23 जून को तलब किया है। पहले उन्हें आठ जून को पेश होने के लिए नोटिस दिया गया था। हालांकि, कांग्रेस अध्यक्ष ने पेश होने के लिए और समय मांगा था, क्योंकि वह कोरोना वायरस से संक्रमित हैं। अब तक स्वस्थ नहीं हुई हैं।
कांग्रेस का कहना है कि उसके शीर्ष नेताओं के खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं। पार्टी का आरोप है कि ईडी की यह कार्रवाई प्रतिशोध की राजनीति के तहत की जा रही है। उसने यह भी कहा है कि वह एवं उसका नेतृत्व झुकने वाले नहीं है।
ईडी के अधिकारियों ने पिछले दिनों बताया था कि एजेंसी प्रोविजन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) की आपराधिक धाराओं के तहत सोनिया और राहुल के बयान दर्ज करना चाहती है। अधिकारियों ने कहा था कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और गांधी परिवार से पूछताछ ED की जांच का हिस्सा है।
क्यों पूछताछ करना चाहती है ED
एजेंसी का कहना है कि यह पूछताछ इसलिए जरूरी है ताकि ‘यंग इंडियन’ और ‘एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड’ (एजेएल) के हिस्सेदारी पैटर्न, वित्तीय लेनदेन और प्रवर्तकों की भूमिका को समझा जा सके। ‘यंग इंडियन’ के प्रवर्तकों और शेयरधारकों में सोनिया गांधी तथा राहुल गांधी सहित कांग्रेस के कुछ अन्य सदस्य शामिल हैं।
बता दें कि समाचार पत्र नेशनल हेराल्ड को एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड प्रकाशित करता है। इसका स्वामित्व यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड के पास है। ईडी ने हाल ही में इस मामले में कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और पवन बंसल से पूछताछ की थी।