मशहूर कवि और शायर मोहम्मद इकबाल का एक बहुत ही लोकप्रिय शेर है, "खुदी को कर बुलंद इतना कि हर तकदीर से पहले, खुदा बंदे से खुद पूछे कि बता तेरी रजा क्या है..." यह शेर कारोबारी राजेश डोंगरे पर एकदम सटिक बैठता है, जिन्होंने गरीबी और खराब परिस्थितियों की वजह से सातवीं कक्षा के बाद स्कूल छोड़ने पर मजबूर हो गए। वही 48 वर्षीय राजेश डोंगरे आज महाराष्ट्र के सोलापुर में एक छोटे से व्यवसाय के गौरवशाली मालिक हैं, जिसमें 6,000 महिलाएं काम करती हैं। एक मिल मजबूर के बेटे राजेश अपनी मेहनत और लगन की वजह से आज 6,000 लोगों का घर चला रहे हैं।
