Russia-Ukraine War: यूक्रेन पर हमले के बाद रूस पर नकेल कसने के लिए क्या कर रहे हैं दुनियाभर के नेता? जानें वैश्विक प्रतिक्रिया

दुनियाभर के देश और नेता स्थिति को बेहतर करने की कोशिशों में जुटे हैं जिसके चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात करते हिंसा को रोकने की अपील की है

अपडेटेड Feb 25, 2022 पर 1:10 PM
यू्क्रेन पर रूसी हमले के बाद रूस के ही कई शहरों में युद्ध के विरोध में प्रदर्शन हुए हैं, इन विरोध-प्रदर्शनों में अब तक 1,700 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है

Russia-Ukraine War: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की घोषणा के बाद रूसी सेना ने गुरुवार को यूक्रेन के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किया था, जो शुक्रवार को भी जारी है। रूस और यूक्रेन के बीच शुरू हुए संघर्ष ने पूरी दुनिया में खलबली मचा दी है। युद्ध के पहले दिन ही यूक्रेन में जबरदस्त तबाही देखने को मिली है। पुतिन ने अन्य देशों को आगाह भी किया है कि रूसी कार्रवाई में किसी प्रकार के हस्तक्षेप के प्रयास के ऐसे परिणाम होंगे, जो उन्होंने पहले कभी नहीं देखे होंगे।

हालांकि, यू्क्रेन पर रूसी हमले के बाद रूस के ही कई शहरों में युद्ध के विरोध में प्रदर्शन हुए हैं। इन विरोध-प्रदर्शनों में अब तक 1,700 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। रूस के हमले के खिलाफ दुनिया भर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। अमेरिका के शहर न्यूयॉर्क में सैंकड़ों प्रदर्शनकारियों ने खुद को लपेटकर यूक्रेन के झंडे में संयुक्त राष्ट्र (UN) के रूसी मिशन की ओर मार्च किया।

विश्व के नेताओं ने यूक्रेन पर रूसी आक्रमण की निंदा की है और चेतावनी दी कि रूस को इससे जानमाल का नुकसान होगा। साथ ही दुनियाभर के देश रूस के खिलाफ सख्त प्रतिबंधों का वादा किया है। कुछ पूर्व यूरोपीय नेताओं ने रूस की कार्रवाइयों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने के लिए रूसी बोर्डों से इस्तीफा दे दिया है।


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अमेरिका ने अभी तक सैन्य कार्रवाई का तो कोई ऐलान नहीं किया है, लेकिन राष्ट्रपति जो बाइडेन ने गुरुवार देर रात रूस के खिलाफ नए आर्थिक प्रतिबंधों का ऐलान किया। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के हमले का जवाब देते हुए बाइडेन ने मॉस्को के बैंकिंग, टेक्नोलॉजी और एयरोस्पेस क्षेत्रों को निशाना बनाया है।

इसके तहत अब रूस डॉलर, पाउंड और यूरो का कारोबार नहीं कर सकेगा। प्रतिबंधों का उद्देश्य डॉलर, यूरो, पाउंड और येन में व्यापार करने की रूस की क्षमता को सीमित करना है। साथ ही अमेरिका ने रूस के पांच प्रमुख बैंकों को भी निशाना बनाया है, इसमें सरकारी बैंक सर्बैंक और वीटीबी भी शामिल है।

फिनलैंड के पूर्व प्रधानमंत्री एस्को अहो ने रूस के सबसे बड़े बैंक सर्बैंक के निदेशक के रूप में पद छोड़ दिया है। वहीं, इटली के पूर्व प्रधानमंत्री माटेओ रेंज़ी ने रूस में सबसे बड़ी कार-शेयरिंग सर्विस डेलिमोबिल के बोर्ड से इस्तीफा दे दिया।

इस बीच, ऑस्ट्रिया के पूर्व नेता क्रिश्चियन केर्न ने रूसी रेलवे कंपनी RZD के बोर्ड से इस्तीफा दे दिया है। रूस चैंपियंस लीग फाइनल की मेजबानी का मौका भी गंवा सकता है। यूरोपीय फुटबॉल संघों का संघ (UEFA) इस मामले में निर्णय लेने के लिए आज बैठक करने वाला है।

इसके अलावा रूसी खेल सितारों ने भी यूक्रेन पर हमले का विरोध किया है। समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार, टेनिस खिलाड़ी एंड्री रुबलेव ने कहा कि दुनिया में शांति और एकजुट रहना महत्वपूर्ण है। रूस के सबसे लोकप्रिय गायकों में से एक वालेरी मेलडेज़ ने अपने देश से हिंसा रोकने की अपील की। द गार्जियन ने उनके हवाले से कहा कि आज कुछ ऐसा हुआ जो कभी नहीं होना चाहिए था।

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