Sambhal Violence: 24 नवंबर, 2024 को उत्तर प्रदेश के संभल जिले में हुई हिंसा का प्लान दुबई में छिपे कुख्यात अपराधी शारिक साठा ने बनाया था। इस हिंसा को अंजाम देने के लिए उसने अपने गुर्गों को हथियार सप्लाई किए थे। पुलिस ने साठा के करीबी साथी मुल्ला अफरोज समेत 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर इस साजिश का खुलासा किया। अफरोज 2012 से साठा से संपर्क में था और उसकी बातों पर चोरी के वाहनों और हथियारों की सप्लाई करता था। अफरोज ने बताया कि साठा ने उसे खासतौर पर हिंसा भड़काने के लिए हथियार दिए थे।
इस गिरफ्तारी से न सिर्फ साठा का अपराधी नेटवर्क का पता चला है। बल्कि पाकिस्तान और दाऊद इब्राहिम से साठा के रिश्तों का भी पर्दाफाश हुआ। यह घटना यह साबित करती है कि अपराधी नेटवर्क अब सिर्फ स्थानीय स्तर पर नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सक्रिय हैं।
अफरोज के पास से हथियार बरामद
अफरोज ने पूछताछ में स्वीकार किया कि साठा ने अपने गुर्गों को हथियार मुहैया कराकर हिंसा करवाई थी। साठा का कहना था कि अगर 10-20 लोग मारे जाते तो इससे आसपास के जिलों में दंगे भड़क जाएंगे। जिससे उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन कमजोर किया जा सकता था। फिर उनका दबदबा बढ़ता और बाद में सुरक्षित ठिकाने पर पहुंच जाते। अफरोज ने 24 नवंबर की हिंसा में बिलाल और अयान की हत्या की जिम्मेदारी ली थी। पुलिस ने अफरोज के पास से 32 बोर की पिस्टल, तीन कारतूस, 15 खोखे और एक मोबाइल बरामद किया।
साठा के नेटवर्क पाकिस्तान में बैठे अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से भी जुड़े रहे हैं। इसके अलावा, साठा का नाम भारत में नकली नोटों की सप्लाई में भी आया है। पुलिस के मुताबिक, अफरोज एप के जरिए शारिक साठा से संपर्क में था। और हिंसा भड़काने के पीछे साठा की मंशा क्षेत्र में अपना दबदबा कायम करने की थी।