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जानें क्या है इलेक्टोरल बॉन्ड, जिसके जरिए मिलता है पॉलिटिकल पार्टियों को चंदा, SBI ने शुरू कर दी है बिक्री

राजनीतिक फंडिंग में पारदर्शिता लाने की कोशिशों के चलते चुनावी बॉन्ड को राजनीतिक दलों को दिए जाने वाले नकद चंदे के ऑप्शन के तौर पर पेश किया गया था। राजनीतिक दलों को दिए जाने वाले चंदे में पारदर्शिता लाने के लिए इलेक्टोरल बॉन्ड्स 2017 में पेश किए गए थे। । यह बॉन्ड स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की 29 ब्रांच से खरीदे जा सकते हैं। इलेक्टोरल बॉन्ड की बिक्री 13 अक्टूबर तक खुली रहेगी

Curated By: Abhishek Nandanअपडेटेड Sep 30, 2023 पर 2:39 PM
जानें क्या है इलेक्टोरल बॉन्ड, जिसके जरिए मिलता है पॉलिटिकल पार्टियों को चंदा, SBI ने शुरू कर दी है बिक्री
चुनावी बॉन्ड (electoral bonds) के चरण XXVII की बिक्री 4 अक्टूबर 2023 को शुरु होने जा रही है। इलेक्टोरल बॉन्ड की बिक्री 13 अक्टूबर तक खुली रहेगी

चुनावी बॉन्ड (electoral bonds) के चरण XXVII की बिक्री 4 अक्टूबर 2023 को शुरु होने जा रही है। इलेक्टोरल बॉन्ड की बिक्री 13 अक्टूबर तक खुली रहेगी। यह बॉन्ड स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की 29 ब्रांच से खरीदे जा सकते हैं। वित्त मंत्रालय की जारी किए नोटिफिकेशन में यह कहा गया है कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) बिक्री के XXVIII चरण में, अपनी 29 अधिकृत शाखाओं के जरिए 04.10.2023 से 13.10.2023 तक चुनावी बॉन्ड जारी करने और भुनाने लिए अधिकृत किया गया है।

क्या हैं चुनावी बॉन्ड

राजनीतिक फंडिंग में पारदर्शिता लाने की कोशिशों के चलते चुनावी बॉन्ड को राजनीतिक दलों को दिए जाने वाले नकद चंदे के ऑप्शन के तौर पर पेश किया गया था। इलेक्टोरल बॉन्ड्स 2017 में पेश किए गए थे। 1 फरवरी 2017 को अपने बजट भाषण में तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि आजादी के 70 साल बाद भी, देश राजनीतिक दलों को चंदा देने का एक पारदर्शी तरीका नहीं बना पाया है। यह स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावी सिस्टम के लिए काफी अहम है। राजनीतिक दलों को ज्यादातर पैसा गुमनाम चंदे के जरिए मिलता है। जिसे कि नकद में दिखाया जाता है। इसी वजह से भारत में फंडिंग के सिस्टम को सही करने की जरूरत है।

कौन खरीद सकता है चुनावी बॉन्ड

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