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Noida News: नोएडा में आज से धारा-144 लागू, 15 सितंबर तक सार्वजनिक स्थानों पर पूजा-नमाज पर लगी रोक

Noida News: पुलिस ने कहा कि यह आदेश आगामी त्योहारों जैसे 6-7 सितंबर को जन्माष्टमी, 7 सितंबर को चेहल्लुम और 12 सितंबर को ग्रेटर नोएडा में द्रोणाचार्य मेला को देखते हुए पारित किया गया है। इनके अलावा, कुछ प्रतियोगी परीक्षाएं और किसानों की प्रमुख बैठकें भी जिले में 15 सितंबर से पहले शेड्यूल किया गया है। एक अधिकारी ने कहा कि इस दौरान असामाजिक तत्वों द्वारा शांति भंग करने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 06, 2023 पर 5:37 PM
Noida News: नोएडा में आज से धारा-144 लागू, 15 सितंबर तक सार्वजनिक स्थानों पर पूजा-नमाज पर लगी रोक
Noida News: कोरोना महामारी के समय पर लागू किए गए प्रोटोकॉल और नियमों का लोगों को पालन करना होगा

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा (Noida) में आज यानी 6 सितंबर से धारा-144 लागू कर दी गई है। आगामी त्योहारों के दौरान शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए जिला पुलिस ने मंगलवार को कहा कि 6 से 15 सितंबर तक पूरे नोएडा और ग्रेटर नोएडा में गैरकानूनी सभाओं को प्रतिबंधित करते हुए CrPC की धारा 144 लागू कर दी गई है। एक अधिकारी ने बताया कि आगामी त्योहार, प्रतियोगी परीक्षाएं, किसानों द्वारा किए जा रहे धरना प्रदर्शन और अन्य सार्वजनिक कार्यों को देखते हुए धारा 144 लागू की गई है। इस दौरान कोरोना महामारी के समय पर बनाए गए प्रोटोकॉल और नियमों का लोगों को पालन करना होगा।

पूजा, नमाज, जुलूस पर बैन

15 सितंबर तक सार्वजनिक स्थानों या सड़कों पर पूजा, नमाज, जुलूस या किसी अन्य धार्मिक कार्यक्रम जैसी धार्मिक गतिविधियों की अनुमति नहीं होगी। नोएडा पुलिस की तरफ से मंगलवार (5 सितंबर) को जारी एक आदेश में कहा गया है कि 6 से 15 सितंबर तक पूरे नोएडा और ग्रेटर नोएडा में CrPC की धारा 144 लागू रहेगी। एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने आगामी त्योहारों और यहां महत्वपूर्ण सार्वजनिक बैठकों के दौरान शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया है।

पुलिस ने कहा त्यौोहारों को देखते हुए शांति भंग करने की संभावना से इनकार नहीं कर सकते। आदेश में कहा है कि जब तक धारा 144 लागू रहेगी इस दौरान सार्वजनिक स्थानों या सड़कों पर पूजा, नमाज, जुलूस या किसी अन्य धार्मिक कार्यक्रम जैसी धार्मिक गतिविधियों की अनुमति नहीं होगी। पुलिस के बयान में गे कहा गया है कि किसी भी इमरजेंसी स्थिति में क्षेत्र के पुलिस आयुक्त, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त या पुलिस उपायुक्त से अनुमति लेनी होगी।

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