Success Story: कहते ही परिश्रम ही सफलता की कुंजी होती है। मेहनत वह सुंदर चाभी है जो किस्मत के फाटक खोल देती है। ये पंक्तियां केरल के रहने वाले बी अब्दुल नासर (B Abdul Nasar) पर फिट बैठती हैं। नासर ने 5 साल की उम्र में अपने माता-पिता को खो दिया। इसके बाद अनाथालय में शरण लिया। फिर होटल में साफ सफाई का काम करने लगे। कुछ दिनों तक अखबार बांटे। लेकिन नासर की पढ़ाई के गहरी लगन रही। इसी लगन से उन्होंने IAS तक का सफर पूरा किया। नासर आज केरल में IAS अफसर हैं। उनके संघर्ष की कहानी बेहद प्रेरणादायक है।
