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Success Story: 5 साल में हो गए अनाथ, होटल में की साफ-सफाई, IAS तक का सफर किया पूरा

Success Story: IAS अधिकारी बी अब्दुल नासर केरल के रहने वाले हैं। 5 साल की उम्र में उनके माता-पिता इस दुनिया से चले गए। अब्दुल को अनाथालय में जगह मिली। होटल में साफ सफाई करने लगे। इसके बाद अखबार बांटने का शुरू कर दिया। लेकिन पढ़ाई में लगन बनी रही। आज IAS की कुर्सी तक पहुंच गए हैं

Edited By: Jitendra Singhअपडेटेड Jun 27, 2023 पर 5:47 PM
Success Story: 5 साल में हो गए अनाथ, होटल में की साफ-सफाई, IAS तक का सफर किया पूरा
Success Story: नासर साल 2006 में राज्य सिविल सेवा परीक्षा पास करके डिप्टी कलेक्टर बने।

Success Story: कहते ही परिश्रम ही सफलता की कुंजी होती है। मेहनत वह सुंदर चाभी है जो किस्मत के फाटक खोल देती है। ये पंक्तियां केरल के रहने वाले बी अब्दुल नासर (B Abdul Nasar) पर फिट बैठती हैं। नासर ने 5 साल की उम्र में अपने माता-पिता को खो दिया। इसके बाद अनाथालय में शरण लिया। फिर होटल में साफ सफाई का काम करने लगे। कुछ दिनों तक अखबार बांटे। लेकिन नासर की पढ़ाई के गहरी लगन रही। इसी लगन से उन्होंने IAS तक का सफर पूरा किया। नासर आज केरल में IAS अफसर हैं। उनके संघर्ष की कहानी बेहद प्रेरणादायक है।

नासर 13 साल तक अनाथालय में रहे। वहीं से रहकर अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की। 10 साल की उम्र में नासर ने होटल में साफ सफाई का काम शुरू किया। उन्होंने अखबार बांटने का भी काम किया। कई बार वो अनाथालय से भाग गए। लेकिन पढ़ाई पूरी करने के लिए फिर से वापस आ गए।

बने डिप्टी कलेक्टर 

नासर ने बेहद गरीबी के बावजूद उन्होंने 12वीं की पढ़ाई पूरी की। फिर थालास्सेरी के सरकारी कॉलेज से ग्रेजुएशन किया। पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद अब्दुल नासर को केरल के स्वास्थ्य विभाग में अधिकारी के तौर पर पहली नौकरी मिली। लेकिन वह इसी नौकरी से संतुष्ट नहीं हुए. साल 2006 में राज्य सिविल सेवा परीक्षा पास करके डिप्टी कलेक्टर बने। उन्हें साल 2015 में केरल के सर्वश्रेष्ठ डिप्टी कलेक्टर के रूप में सम्मानित किया गया।

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