Get App

Success Story: बचपन में मां का छूटा साथ, 16 फ्रैक्चर और सर्जरी के बाद नहीं मानी हार, पहले प्रयास में बनीं IAS

Success Story: राजस्थान की रहने वाली IAS ऑफिसर उम्मुल खेर (IAS officer Ummul Kher) के जीवन में हमेशा दुखों का पहाड़ रहा। झुग्गी में पली बढ़ी। उन्हें 16 फ्रैक्चर हुए और 8 सर्जरी करानी पड़ी। फिर भी हिम्मत नहीं हारी और IAS बनकर नया मुकाम हासिल किया। उनकी राह में कई अड़चने आई, लेकिन कभी हार नहीं मानी

Edited By: Jitendra Singhअपडेटेड May 14, 2023 पर 6:22 PM
Success Story: बचपन में मां का छूटा साथ, 16 फ्रैक्चर और सर्जरी के बाद नहीं मानी हार, पहले प्रयास में बनीं IAS
उम्मुल खेर का राजस्थान के पाली मारवाड़ में एक गरीब परिवार में जन्म हुआ

Success Story: कहते हैं कि अगर इंसान के अंदर दृढ़ निश्चय हो और कुछ कर गुजरने का जब्बा हो तो सफलता उसके कदम चूमती है। ऐसा ही कुछ उम्मुल खेर ने कर दिखाया है। आज हम आपको उम्मुल खेर की कहानी बताने जा रहे हैं। जिन्होंने कठिन परिस्थितयों से लड़ते हुए आईएएस बनने तक का सफर तय किया। उम्मुल खेर का राजस्थान के पाली मारवाड़ में एक गरीब परिवार में जन्म हुआ। जब उम्मुल बहुत ही छोटी थीं तो उनके पिता परिवार के साथ दिल्ली आ गए। यहां भी उनकी मुसीबतें कम नहीं हुईं। उनका परिवार दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में एक झुग्गी झोपड़ी में रहने लगा। पिता फेरी लगाकर कपड़े बेचते थे. बड़ी मुश्किल से परिवार का पेट भरता था।

उम्मुल की उम्र जब बहुत कम थी, तभी उनकी मां का निधन हो गया। इसके बाद उम्मुल के पिता ने दूसरी शादी कर ली। उम्मुल की सौतेली मां को उनका स्कूल जाना पसंद नहीं था। उम्मुल अपनी पढ़ाई नहीं छोड़ सकती थीं और इसलिए उन्होंने घर छोड़ दिया और अकेली रहने लगीं।

शिक्षा

उम्मुल खेर ने दीनदयाल उपाध्याय इंस्टीट्यूट फॉर द फिजिकली हैंडीकैप्ड में कक्षा पांचवीं तक पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने आठवीं कक्षा तक सरकार की ओर से संचालित धर्मार्थ संगठन, अमर ज्योति चैरिटेबल ट्रस्ट से पढ़ाई की। तब उनकी मां का निधन हो गया था। परिवार ने आठवीं से आगे की शिक्षा जारी रखने से मना कर दिया। उम्मुल खेर ने तब घर छोड़ने और झुग्गी झोपड़ी (जेजे) क्लस्टर, त्रिलोकपुरी में अकेले रहने का मुश्किल फैसला लिया। उसने अपना गुजारा करने के लिए झुग्गी-झोपड़ियों के बच्चों को ट्यूशन पढ़ाना शुरू कर दिया। उम्मुल खेर का अमर ज्योति चैरिटेबल ट्रस्ट ने कक्षा IX और X के लिए ट्यूशन का खर्च उठाया। बारहवीं कक्षा में, खेर ने 91 फीसदी अंक हासिल किए और दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित गार्गी कॉलेज में दाखिला लिया।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें