Suicide pod: हमेशा अमर रहना बहुत से लोगों की ख्वाहिश होती है। महान सिकंदर भी एक वक्त पर अमर होना चाहता था। वहीं कई बार लोग जीवन में कई बार ऐसी बीमारियों के शिकार हो जाते हैं कि एक दिन भी धरती पर काट पाना सदियों के बराबर लगता है। इन लाइलाज बीमारियों के दर्द को सालों साल तक झेलते ये लोग बस मौत की दुआ मांगते हैं। कुछ केसों में लोग युथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की मांग करते हैं। वहीं इच्छामृत्यु के लिए एक खास आविष्कार किया गया है जिसका इस साल के अंत तक पहली बार इस्तेमाल किया जाएगा।
इच्छामृत्यु और असिस्टेड सुसाइड क्या है
डॉक्टर फिलिप निशके एक कॉन्ट्रोवर्शियल युथेनेशिया एडवोकेट हैं, इन्हें डॉक्टर डेथ के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने अब कॉफिन जैसा पॉड तैयार किया है। जो एक सुसाइड करने वाले आदमी को एक मिनट के भीतर मौत की गहरी नींद सुला देगा। इसे एक असिस्टेड सुसाइड कहा जाएगा ना कि युथेनेशिया। ऐसे में दोनों के भीतर के अंतर को समझना बेहद जरूरी है। युथेनेशिया में डॉक्टर को परिवार, मरीज और कानूनी तौर पर बिना किसी दर्द के जीवन लेने का अधिकार दिया जाता है। वहीं असिस्टेड सुसाइड में मरीज की रिक्वेस्ट पर डॉक्टर उनकी मरने में मदद करते हैं।
Daily Mail से हुई बातचीत में डॉ. फिलिप ने कहा कि लोग इसके इस्तेमाल के लिए तैयार हैं। ऐसे बहुत से लोग हैं जो सबसे पहले इसका इस्तेमाल करना चाहते हैं। साथ ही एडवोकेट ने दावा किया है कि ये डिवाइस लोगों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी जिंदगी खत्म करने का अवसर देगा। वहीं जिंदगी का समर्थन करने वाले प्रो-लाइफ ग्रुप्स ने चेतावनी दी कि ये 3-D प्रिंटेड सार्को पॉड सुसाइड को बढ़ावा देगा और उसे ग्लैमराइज करेगा।
इस पॉड को बनाने में 4000-8000 डॉलर (3.30 से 66.10 लाख रुपए) का खर्च आया है। डॉक्टरों ने बताया कि ये पॉड स्विटजरलैंड में इस्तेमाल के लिए अभी फाइनल स्टेज में पहुंच गया है। स्विटजरलैंड में 1942 से असिस्टेड सुसाइड कानूनी है। पॉड एक ऐसा डिवाइस है जिसे यूजर के द्वारा अंदर से ऑपरेट किया जा सकता है। वो अंदर से ऑक्सीजन के लेवल को कम कर सकते हैं। डॉक्टर फिलिप ने बताया कि मशीन के अंदर जाते ही आदमी से तीन सवाल पूछे जाएंगे जिनके जवाब उन्हें बोलकर देने होंगे। तुम कौन हो? तुम कहां हो ? और क्या तुम जानते हो कि इस बटन को दबाने के बाद क्या होगा?
डॉक्टर ने बताया कि अगर वो बोलकर सारे सवालों के जवाब दे देते हैं तो सॉफ्टवेयर की पावर ऑन हो जाएगी। इसके बाद बटन को दबाया जा सकेगा। ऐसा करने से वो जल्द ही मर जाएंगे। जब वो सार्को में सवारी करेंगे तब उसका ऑक्सीजन लेवल 21 प्रतिशत होगा। बटन दबाते ही तीस सेकंड के भीतर ऑक्सीजन एक प्रतिशत पर पहुंच जाएगी। वर्तमान में इस पॉड का इस्तेमाल सिर्फ स्विटजरलैंड में ही किया जा सकेगा। इस पॉड का इस्तेमाल करने के लिए आदमी को Exit International का मेंबर होना पड़ेगा जिसके हेड खुद डॉक्टर फिलिप हैं। इसका मेंबर बनने के लिए 100 डॉलर का साइनिंग अमाउंट भरना पड़ता है। स्विटजरलैंड में कानून कहता है कि अपनी जिंदगी खत्म करने की कोशिश से पहले आपके अंदर ऐसा करने की मानसिक क्षमता होनी चाहिए।