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'हम पुतिन को युद्ध रोकने के लिए निर्देश तो नहीं दे सकते', यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को निकालने की मांग वाली याचिका पर SC की टिप्पणी

CJI एनवी रमना ने कहा, "सुप्रीम कोर्ट क्या कर सकता है? क्या मैं रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को युद्ध रोकने के लिए निर्देश दे सकता हूं?

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 03, 2022 पर 1:50 PM
'हम पुतिन को युद्ध रोकने के लिए निर्देश तो नहीं दे सकते', यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को निकालने की मांग वाली याचिका पर SC की टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल से यूक्रेन में फंसे हुए छात्रों की मदद करने पर विचार के लिए कहा

Ukraine-Russia War: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल से रोमानिया की सीमा के पास यूक्रेन में फंसे कुछ भारतीय छात्रों को निकालने में मदद करने के लिए कहा। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एनवी रमना (CJI NV Ramana), जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस हिमा कोहली की पीठ ने एक वकील की उन जनहित याचिका पर गौर किया, जिसमें कहा गया था कि रोमानिया की सीमा पर जमा देने वाली ठंड के बीच बड़ी संख्या में छात्र फंसे हैं और सरकार रोमानिया से उड़ानें संचालित नहीं कर रही है।

वकील ने पीठ को बताया कि उड़ाने पोलैंड और हंगरी से संचालित हो रही हैं, रोमानिया से नहीं। बड़ी संख्या में लड़कियों सहित छात्र बिना किसी सुविधा के वहां फंसे हुए हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम सबको उनसे सहानुभूति है, लेकिन इसमें अदालत क्या कर सकती है।

लाइव लॉ के मुताबिक, CJI एनवी रमना ने कहा, "सुप्रीम कोर्ट क्या कर सकता है? क्या मैं रूस के राष्ट्रपति को युद्ध रोकने के लिए निर्देश दे सकता हूं?" उन्होंने आगे कहा, "सोशल मीडिया पर मैंने कुछ वीडियो देखा जिसमें कहा गया कि सीजेआई क्या कर रहे हैं!" वकील ने कहा कि याचिका केंद्र को छात्रों को निकालने के लिए कदम उठाने के निर्देश देने की मांग कर रही है।

वकील ने बताया कि ज्यादातर छात्र लड़कियां हैं और वे ठंड से पीड़ित हैं। इस पर CJI ने कहा, "हमें उनके साथ पूरी सहानुभूति है। लेकिन कोर्ट क्या कर सकता है।" उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की देखभाल के लिए कदम उठा रही है।

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