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Uttarkashi Love Jihad: सुप्रीम कोर्ट का पुरोला में होने वाले 'महापंचायत' को रोकने से इनकार, उत्तरकाशी में धारा 144 लागू

Uttarkashi Love Jihad Row: 26 मई को दो लोगों द्वारा एक हिंदू लड़की के कथित अपहरण की कोशिश के बाद उत्तरकाशी जिले के पुरोला और कुछ अन्य शहरों में सांप्रदायिक तनाव पैदा हो गया है। इसके बाद मुसलमानों के स्वामित्व वाली दुकानों पर अज्ञात लोगों ने पोस्टर चिपकाए थे, जिसमें कहा गया था कि वे पुरोला में हिंदू संगठनों द्वारा बुलाई गई महापंचायत से पहले शहर छोड़ दें या परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें। विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और देवभूमि रक्षा अभियान जैसे संगठनों ने "लव जिहाद" के खिलाफ 15 जून को महापंचायत बुलाई है

Akhileshअपडेटेड Jun 14, 2023 पर 4:08 PM
Uttarkashi Love Jihad: सुप्रीम कोर्ट का पुरोला में होने वाले 'महापंचायत' को रोकने से इनकार, उत्तरकाशी में धारा 144 लागू
Uttarkashi Love Jihad Row: सुप्रीम कोर्ट ने हिंदू संगठनों की ओर से बुलाई गई 'महापंचायत' को रोकने से इनकार कर दिया

Uttarkashi Love Jihad Row: सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड में हिंदू संगठनों की ओर से बुलाई गई 'महापंचायत' को रोकने और एक विशेष समुदाय के सदस्यों को कथित रूप से निशाना बनाते हुए नफरती भाषण देने वालों के खिलाफ FIR दर्ज करने की अनुरोध वाली याचिका पर सुनवाई करने से बुधवार को इनकार कर दिया। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की अवकाश पीठ ने वकील शारुख आलम से कानून में उपलब्ध विकल्पों को चुनने और हाई कोर्ट अथवा किसी अन्य प्राधिकरण के पास जाने को कहा। बता दें कि यह विवादित महापंचायत गुरुवार यानी 15 जून को होनी है।

पीठ ने कहा, "हम कानूनी प्रक्रियाओं के विपरीत नहीं जाना चाहते। हाई कोर्ट है और जिला प्रशासन है, आप उनसे संपर्क कर सकते हैं। कानून व्यवस्था बनाए रखना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है और आपको क्या लगता है कि अगर मामला उसके संज्ञान में लाया जाता है तो कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। आपको हाई कोर्ट में विश्वास रखना चाहिए।"

इस पर आलम ने कहा कि पोस्टर और पत्रों के जिरए एक विशेष समुदाय के सदस्यों को उत्तरकाशी छोड़ने के लिए कहा गया है। नफरत फैलाने वाले भाषणों के मामले में पुलिस को स्वत: संज्ञान लेते हुए FIR दर्ज करनी चाहिए लेकिन उसकी ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।

उन्होंने कहा, "उपलब्ध सामग्री से पता चलता है कि गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम UAPA) के तहत FIR दर्ज करने की आवश्यकता है। 15 जून को एक महापंचायत होने वाली है और उन्होंने जिला प्रशासन को 15 जून तक एक विशेष समुदाय के सदस्यों को हटाने का अल्टीमेटम दिया है।"

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