White Spot on Nails: किसी भी तरह की बीमारी होने पर हम डॉक्टर के पास जाते हैं। कई बार हमारा शरीर ही खुद कई बीमारियों के बारे में संकेत देता है। लेकिन जानकारी नहीं होने के चलते हम उसे समझ नहीं पाते हैं। डॉक्टर के पास जाने पर आमतौर पर हाथ, नाखून, और जीभ देखकर भी बीमारी का पता लगाते हैं। आयुर्वेदाचार्य भी यही सब देखकर बीमारी के बारे में बता दिया करते थे। यही वजह है कि नाखूनों में इंसानों की सेहत का राज छिपा होता है। अगर आपके नाखूनों में सफेद दाग है तो यह कई तरह की बीमारियों का संकेत देता है।
नाखून में सफेद दाग या फिर लंबी लंबी सफेद लाइन देखकर लोग मानते हैं कि यह कैल्शिय की कमी के कारण होती है। लेकिन यह पूरी तरह से सच नहीं है। नाखूनों में सफेद दाग कैल्शियम नहीं बल्कि जिंक की कमी के कारण भी होते हैं।
हेल्थ एक्पर्ट्स का कहना है कि जिंक एक बेहद जरूरी पोषक तत्व है। जिससे शरीर को जरूरतें पूरी होती है। लिहाजा जिंक से जुड़े भोज्य पदार्थ की मात्रा बढ़ानी चाहिए। यह खासतौर से ह्रदय, हड्डियों, फेफड़ों और सैकड़ों एंजाइमों को बेहतर तरीके से कामकाज के लिए बहुत जरूरी होता है। हमारा शरीर न तो जिंक का निर्माण करता है और न ही वह खाद्य पदार्थों से मिलने वाले जिंक को बचा कर रख सकता है। आयरन के बाद जिंक ही शरीर में सबसे ज्यादा पाया जाता है। कोशिकाओं की बढ़ोतरी, प्रोटीन उत्पादन, DNA में, इम्यूनिटी सिस्टम बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है. इसकी कमी से कई तरह की बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है।
पर्याप्त नींद लेने में कमी आना, इम्यूनिटी का कमजोर होना, वजन का बढ़ना, दांतों में सड़ने आने लगती है और मसूड़ों से खून निकलने लगता है। हाथ और चेहरे पर झुर्रियां आने लगती हैं। गंध और स्वाद की कमी आने लगती है। भूख में कमी आने लगती है। बालों का सामान्य से अधिक झड़ना और नाखूनों में सफेद दाग होने लगते हैं।
शाकाहारी भोजन में मशरूम, पालक, ब्रोकली, लहसुन में जिंक पाया जाता है। छोले और बीन्स, नट और बीज जैसे सेम, चिया और कद्दू, साबुत अनाज जैसे ब्राउन राइस, ओट्स और क्विनोआ, दूध से बने खाद्य पदार्थ, डार्क चॉकलेट, कॉर्नफ्लेक्स, व्हीटफ्लेक्स, म्यूसली जैसी चीजों में जिंक की मात्रा पाई जाती है।
इंडस्ट्रियल एरिया में काम करने या संपर्क में आने से
कई बार लोगों को नाखूनों पर सफेद दाग इंडस्ट्रियल एरिया में काम करने सा धातु के संपर्क में आने से भी हो जाते हैं। दरअसल इनमें थैलियम और आर्सेनिक जैसी जहरीली धातुएं पाई जाती हैं। इनके अलावा लीवर या एनीमिया जैसी बीमिरयां भी सफेद नाखूनों की वजह हो सकती है।