Get App

Yamuna Expressway Toll Tax: यमुना एक्सप्रेसवे पर दिल्ली से आगरा का सफर होगा महंगा, जानें कब से और कितना लगेगा चार्ज?

Yamuna Expressway Toll Tax: दिल्ली से आगरा जाने वाले लोगों के लिए अब यमुना एक्सप्रेसवे पर सफर करना महंगा हो जाएगा। यमुना प्राधिकरण ने 4 फीसदी तक टोल टैक्स बढ़ाने का फैसला किया है। यह नई दरें 1 अक्टूबर 2024 से लागू हो जाएंगी। इससे आम आदमी की जेब पर सीधा असर पडेगा। इससे पहले 2021-22 में टोल की दरों में बढ़ोतरी की गई थी

Jitendra Singhअपडेटेड Sep 27, 2024 पर 11:04 AM
Yamuna Expressway Toll Tax: यमुना एक्सप्रेसवे पर दिल्ली से आगरा का सफर होगा महंगा, जानें कब से और कितना लगेगा चार्ज?
Yamuna Expressway Toll Tax: यमुना एक्सप्रेसवे पर कार से ग्रेटर नोएडा से आगरा तक के लिए 295 रुपये टोल टैक्स देना पड़ेगा।

अगर आप यमुना एक्सप्रेसवे से कहीं जा रहे हैं तो यह महंगा पड़ जाएगा। अगर आप भी रोजाना यमुना एक्सप्रेसवे से सफर करते हैं तो अब आपको ज्यादा पैसे देने पड़ेंगे। दरअसल, यमुना प्राधिकरण ने 1 अक्टूबर से 4 फीसदी तक टोल टैक्स बढ़ाने का फैसला किया है। इससे पहले मार्च 2022 में टोल की दरें बढ़ाई गई थीं। ढाई साल बाद इस पर टोल टैक्स दरें बढ़ाई गई हैं। इससे पहले 12 फीसदी की बढ़ोतरी की गई थी। नई दरें लागू होने के बाद यानी 1 अक्टूबर से ग्रेटर नोएडा से आगरा तक कार का टोल टैक्स 270 की बजाय 295 रुपये लगेंगे।

बता दें कि यमुना एक्सप्रेसवे दिल्ली को आगरा से जोड़ता है। 165 किलोमीटर लंबा 6 लेन वाला एक्सप्रेसवे मथुरा और अलीगढ़ से होकर गुजरता है। इसका निर्माण यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने किया है। इसका ठेका जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड को दिया गया था। इस एक्सप्रेसवे के बनने से दिल्ली से आगरा तक की यात्रा में काफी समय की बचत हुई है। पहले दिल्ली से आगरा जाने में लगभग 4 घंटे का समय लगता था। अब सिर्फ 2.5 घंटे में सफर पूरा हो जाता है।

किसानों का मुआवजा अभी तक बाकी

यमुना प्राधिकरण के सीईओ अरुणवीर सिंह ने कहा कि नियम के अनुसार, हर साल दरें बढ़ाई जाती हैं। अब बढ़ाई गई दरें शासन से मंजूरी मिलने के बाद लागू कर दी जाएंगी। इस एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहित की गई जमीन का किसानों को 64 फीसदी का मुआवजा नहीं दिया जा सका था। अब बढ़ाई गई दरों से मिलने वाली रकम से किसानों को उनका बचा हुआ मुआवजा भी दिया जाएगा। यमुना एक्सप्रेस वे पर हर दिन तकरीबन 35,000 वाहन गुजरते हैं। वहीं वीकेंड में वाहनों की संख्या 50,000 तक पहुंच जाती है। टोल की दरें बढ़ने से बसों का किराया भी बढ़ने की आशंका है। वहीं, कार-बाइक से सफर करने वालों पर आर्थिक बोझ पड़ेगा।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें