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UNESCO ने बंगाल की दुर्गा पूजा को दिया 'सांस्कृतिक विरासत' का दर्जा, PM मोदी बोले- 'भारतीयों के लिए गर्व का पल'

संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूनेस्को ने बुधवार को पश्चिम बंगाल के दुर्गा पूजा उत्सव को विरासत का दर्जा दिया

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 15, 2021 पर 9:36 PM
UNESCO ने बंगाल की दुर्गा पूजा को दिया 'सांस्कृतिक विरासत' का दर्जा, PM मोदी बोले- 'भारतीयों के लिए गर्व का पल'
यूनेस्को ने दुर्गा पूजा को दिया विरासत का दर्जा

संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूनेस्को (UNESCO) ने बुधवार को पश्चिम बंगाल के दुर्गा पूजा (Durga Puja) उत्सव को विरासत का दर्जा दिया। यूनेस्को ने ट्विटर पर दुर्गा माता की मूर्ति वाली एक तस्वीर को शेयर करते हुए कहा, "कोलकाता में दुर्गा पूजा को यूनेस्को की अमूर्त विरासत सूची में शामिल किया गया है। भारत को शुभकामनाएं।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi)ने इस फैसले की सराहना करते हुए इसे भारतवासियों के लिए गर्व और खुशी का पल करार दिया है। मोदी ने एक ट्वीट में कहा, , "प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व और खुशी का पल। दुर्गा पूजा हमारी सर्वोत्तम परंपराओं और लोकाचार को पेश करती है और कोलकाता की दुर्गा पूजा का अनुभव हर किसी को जरूर करना चाहिए।"

यूनेस्को ने 2008 में अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सूची जारी करने का काम शुरू किया था। इसका मकसद दुनियाभर की कुछ बेहतरीन अमूर्त सांस्कृतिक विरासतों की बेहतर सुरक्षा और उनके महत्व के बारे में दुनिया को जागरुक करना था। दुनिया भर से आए अमूर्त सांस्कृति विरासत के प्रस्तावों को यूनेस्को की समिति जांच करती है और उसके बाद उसे योग्य पाए जाने पर इस सूची में शामिल किया जाता है। भारत की तरफ से इस साल कोलकाता के दूर्गा पूजा को प्रस्ताव भेजा गया था।

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