
केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक (Ramesh Pokhriyal Nishank) ने घोषणा की कि सरकार ने टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) के क्वालीफाइंग सर्टिफिकेट का वैलिडिटी पीरियड बढ़ाने का फैसला किया है। पहले इसकी वैलिडिटी सात साल के लिए थी, लेकिन अब ये जीवन भर के लिए वैध होगा।
TET प्रमाण पत्र का वैलिडिटी पीरियड बढ़ाने के प्रावधान पर सितंबर 2020 में राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (NCTE) की तरफ से चर्चा की गई थी। हालांकि, इसे शिक्षा मंत्रालय से मंजूरी के बाद अब लागू किया गया है।
शिक्षा मंत्री पोखरियाल ने कहा है कि टीचिंग में करियर बनाने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में ये एक सकारात्मक कदम होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों को उन उम्मीदवारों के TET प्रमाणपत्रों को फिर से वैरीफाई करने के लिए जरूरी कार्रवाई करने के लिए कहा गया है, जिनकी सात साल की अवधि पहले ही खत्म हो चुकी है।
TET केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर कराया जाता है। स्कूलों में पढ़ाने के इच्छुक लोगों को CTET या राज्य विशिष्ट TET पास करना होता है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) आयोजित करता है, जिसके आधार पर प्राथमिक विद्यालयों में टीचर्स की पोस्ट के लिए उम्मीदवारों का चयन होता है।
परीक्षा सालाना आयोजित की जाती है, हालांकि, इस साल की परीक्षाओं की तारीखों की घोषणा अभी तक नहीं की गई है। सिर्फ CTET ही नहीं, इस साल कई राज्य स्तरीय परीक्षाएं भी टाल दी गई हैं।
हर TET का पैटर्न एक जैसा होता है। सभी परीक्षा को दो पेपरों में बांटा गया है - पेपर- I और II। कक्षा 1 से 6 तक पढ़ाने के इच्छुक लोग पेपर 1 के लिए उपस्थित होते हैं, जबकि बाकी पेपर II के लिए उपस्थित होते हैं।
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