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कौन हैं बिहार के नए डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा?

Bihar Politics: जनता दल यूनाइटेड (JDU) के अध्यक्ष नीतीश कुमार ने रिकॉर्ड नौवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर रविवार (28 जनवरी) को शपथ ली। राजधानी पटना स्थित राजभवन में राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। नीतीश कुमार के साथ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं विजय कुमार सिन्हा, सम्राट चौधरी और प्रेम कुमार ने भी मंत्रिपद की शपथ ली

Akhileshअपडेटेड Jan 28, 2024 पर 8:58 PM
कौन हैं बिहार के नए डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा?
Bihar Politics: नीतीश कुमार के शपथ लेते ही जय श्री राम के नारों से राजभवन गूंज गया

बिहार में नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने रविवार को एक बार फिर मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। नीतीश ने बतौर मुख्यमंत्री रिकॉर्ड 9वीं बार शपथ ली है। राजभवन के राजेंद्र मंडप में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। नीतीश के मुख्यमंत्री के शपथ लेते ही NDA की सरकार बिहार में एक बार फिर सत्तारूढ़ हो गई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के के साथ बीजेपी नेता सम्राट चौधरी (Samrat Chaudhary) और विजय कुमार सिन्हा (Vijay Kumar Sinha) ने बिहार के नए डिप्टी सीएम के रूप में शपथ ली। नीतीश कुमार ने रविवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था जिसके बाद महागठबंधन की सरकार भंग हो गई थी।

कौन हैं सम्राट चौधरी? (Who is Samrat Chaudhary)

उच्च जाति समर्थक छवि से आगे निकलने की बीजेपी की चाहत के बीच बिहार में उसके एक ओबीसी नेता सम्राट चौधरी की पार्टी में 7 साल से भी कम समय पहले शामिल होने के बाद से जबरदस्त प्रगति हुई है। शकुनी चौधरी के बेटे सम्राट चौधरी ने RJD सुप्रीमो की पत्नी राबड़ी देवी के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री के रूप में राजनीति के क्षेत्र में कदम रखा था। शकुनी चौधरी सेना में जवान रहने के बाद राजनीति में आये थे और उन्होंने कांग्रेस के सदस्य के रूप में अपनी राजनीति की शुरुआत की थी। लेकिन लालू प्रसाद और नीतीश कुमार की पार्टी में कई बार उन्होंने पाला बदला ।

सम्राट चौधरी 2005 में सत्ता से बेदखल होने के बाद काफी समय तक RJD के साथ रहे। लेकिन 2014 में एक विद्रोही गुट का हिस्सा बन गए और जीतन राम मांझी के नेतृत्व वाली JDU सरकार में शामिल हो गए। मांझी ने नीतीश कुमार के पद छोड़ने के बाद कुछ समय के लिए सत्ता संभाली थी। तीन साल बाद उनका JDU से मोहभंग हो गया और वह BJP में शामिल हो गए। BJP ने एक तेजतर्रार वक्ता और कोइरी जाति के बड़े नेता के रूप में उनकी क्षमता को पहचाना।

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