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Shapoorji Pallonji Group की एक और कंपनी होगी लिस्ट! Afcons Infra IPO के लिए ड्राफ्ट फाइल

Afcons Infra IPO: शापूरजी पालोनजी ग्रुप की कुछ कंपनियां मार्केट में लिस्टेड हैं और आखिरी बार अगस्त 2019 में स्टर्लिंग एंड विल्सन सोलर के शेयर लिस्ट हुए थे। अब एक और कंपनी लिस्ट होने की तैयारी कर रही है। ग्रुप की कंस्ट्रक्शन और इंजीनियरिंग इकाई एफकॉन्स इंफ्रा (Afcons Infra) ने SEBI के पास ड्राफ्ट फाइल कर दिया है। चेक करें पूरी डिटेल्स

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Mar 29, 2024 पर 1:39 PM
Shapoorji Pallonji Group की एक और कंपनी होगी लिस्ट! Afcons Infra IPO के लिए ड्राफ्ट फाइल
Afcons Infra IPO: सेबी के पास दाखिल ड्राफ्ट के मुताबिक एफकॉन्स इंफ्रा के 7 हजार करोड़ के आईपीओ के तहत 1250 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी होंगे।

Afcons Infra IPO: शापूरजी पालोनजी ग्रुप की कंस्ट्रक्शन और इंजीनियरिंग इकाई एफकॉन्स इंफ्रा (Afcons Infra) आईपीओ लाने की तैयारी में है और इसके लिए ड्राफ्ट फाइल हो चुका है। बाजार नियामक सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के पास दाखिल ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के मुताबिक कंपनी की योजना 7 हजार करोड़ रुपये का आईपीओ लाने की है। इस आईपीओ के तहत नए शेयर जारी होंगे और ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत भी शेयरों की बिक्री होगी। सीएनबीसी-टीवी18 को सूत्रों से हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक इस आईपीओ को 19 हजार-20 हजार करोड़ रुपये के वैल्यूएशन पर लाया जा सकता है। शपूरजी पालोनजी ग्रुप की कुछ और कंपनियां पहले से ही मार्केट में लिस्टेड हैं और इससे पहले आखिरी बार अगस्त 2019 में स्टर्लिंग एंड विल्सन सोलर के शेयर लिस्ट हुए थे।

Afcons Infra IPO की डिटेल्स

सेबी के पास दाखिल ड्राफ्ट के मुताबिक एफकॉन्स इंफ्रा के 7 हजार करोड़ के आईपीओ के तहत 1250 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी होंगे। इसके अलावा 5750 करोड़ रुपये के शेयरों की ऑफर फॉर सेल (OFS) विंडो के तहत बिक्री होगी। सेबी के पास दाखिल ड्राफ्ट के मुताबिक ऑफर फॉर सेल के जरिए ये शेयर गोस्वामी इंफ्राटेक बेचेगी। दिसंबर 2023 तिमाही के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के हिसाब से गोस्वामी इंफ्राटेक की कंपनी में 72.35 फीसदी हिस्सेदारी है। शपूरजी पालोनजी ग्रुप एंड कंपनी की इसमें 16.64 फीसदी हिस्सेदारी है।

ऑफर फॉर सेल का पैसा शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिलेगा। इसके अलावा नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से 150 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कैपिटल एक्सपेंडिचर, 350 करोड़ रुपये का इस्तेमाल लॉन्ग टर्म वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और 500 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर्ज चुकाने में होगा। दिसंबर 2023 तक के आंकड़ों के हिसाब से इस पर 2887.59 करोड़ रुपये का बकाया है।

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