Akums Drugs and Pharmaceuticals IPO: पहले ही दिन फुली सब्सक्राइब, रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 3 गुना भरा
Akums Drugs and Pharmaceuticals IPO Details: पब्लिक इश्यू में 75 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 10 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है। लगभग 15 करोड़ रुपये के शेयर कंपनी के एंप्लॉयीज के लिए रिजर्व हैं। वित्त वर्ष 2024 में रेवेन्यू 14 प्रतिशत बढ़कर 4,212.21 करोड़ रुपये हो गया
Akums Drugs and Pharmaceuticals एक फार्मास्यूटिकल कॉन्ट्रैक्ट डेवलपमेंट एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑर्गेनाइजेशन है।
Akums Drugs and Pharmaceuticals IPO: एकम्स ड्रग्स एंड फार्मास्यूटिकल्स का पब्लिक इश्यू आज यानि 30 जुलाई से खुल गया। कंपनी इससे 1,856.74 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। 29 जुलाई को एंकर इनवेस्टर्स से 828.78 करोड़ रुपये हासिल हुए। IPO में 646-679 रुपये प्रति शेयर के प्राइस बैंड और 22 शेयरों के लॉट साइज में 1 अगस्त तक पैसे लगाए जा सकेंगे। एकम्स ड्रग्स एंड फार्मास्यूटिकल्स की शुरुआत 2004 में हुई थी।
कंपनी एक फार्मास्यूटिकल CDMO (कॉन्ट्रैक्ट डेवलपमेंट एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑर्गेनाइजेशन) है। यह भारत और विदेश में फार्मा प्रोडक्ट्स की विस्तृत रेंज की पेशकश करती है। कंपनी का मुख्य कारोबार अपने क्लाइंट्स को एंड टू एंड प्रोडक्ट डेवलपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग सॉल्यूशंस उपलब्ध कराना है। प्रमोटर संजीव जैन, संदीप जैन और Akums Master Trust हैं। यह देश में सबसे बड़ी फार्मा कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर है।
इसके क्लाइंट्स में सिप्ला, डाबर इंडिया, डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज, मैनकाइंड फार्मा, मेडप्लस हेल्थ सर्विसेज, नाटको फार्मा, सन फार्मा जैसे नाम शामिल हैं। शेयरों का अलॉटमेंट 2 अगस्त को फाइनल हो सकता है और लिस्टिंग BSE और NSE पर 6 अगस्त को होगी।
इश्यू शाम 5 बजे तक तक फुली सब्सक्राइब यानि 1.37 गुना भर चुका था। रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 3.35 गुना और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 1.96 गुना भर चुका है। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्से को 0.43 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है।
1 करोड़ नए शेयर हो रहे जारी
Akums Drugs and Pharmaceuticals IPO में 680 करोड़ रुपये के 1 करोड़ नए शेयर जारी हो रहे हैं। इसके साथ ही 1,176.74 करोड़ रुपये के 1.73 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) है। OFS में प्रमोटर संजीव जैन और संदीप जैन ने 15.12-15.12 लाख शेयरों को बिक्री के लिए रखा है। वहीं इनवेस्टर Ruby QC Investment Holdings Pte Ltd की ओर से 1.43 करोड़ शेयरों को बिक्री के लिए रखा गया है। प्रमोटर्स की वर्तमान में कंपनी में हिस्सेदारी 82.44 प्रतिशत है। Ruby QC Investment के पास 14.65 प्रतिशत हिस्सेदारी है। बाकी 2.91 प्रतिशत हिस्सेदारी एंप्लॉयी ट्रस्ट्स के पास है।
Akums Drugs and Pharmaceuticals IPO में कितना हिस्सा रिजर्व
IPO में 75 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 10 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है। लगभग 15 करोड़ रुपये के शेयर कंपनी के एंप्लॉयीज के लिए रिजर्व हैं। IPO के लिए ICICI Securities, Axis Bank, Citigroup Global Markets India और Ambit बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं। रजिस्ट्रार Link Intime India है।
IPO में नए शेयर जारी करके हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल मुख्य रूप से कंपनी और इसकी सब्सिडियरीज Maxcure Nutravedics और Pure and Cure Healthcare के कर्ज चुकाने में किया जाएगा। बाकी बचे पैसों का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल जरूरतों, इनऑर्गेनिक ग्रोथ पहलों और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
ग्रे मार्केट से क्या संकेत
investorgain.com के मुताबिक, एकम्स ड्रग्स एंड फार्मास्यूटिकल्स के शेयर ग्रे मार्केट में IPO के अपर प्राइस बैंड 679 रुपये से 211 रुपये या 31.08 प्रतिशत के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं। इस आधार पर शेयर 890 रुपये के भाव पर लिस्ट हो सकता है।
वित्त वर्ष 2024 के दौरान, एकम्स ड्रग्स एंड फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड ने वैल्यू के हिसाब से भारतीय घरेलू सीडीएमओ बाजार में 30 प्रतिशत की हिस्सेदारी हासिल की, जो वित्त वर्ष 2021 के दौरान 26.7 प्रतिशत थी। रेवेन्यू में वृद्धि के बावजूद, कई महत्वपूर्ण लागतों के कारण प्रॉफिटेबिल्टिी को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। कंपनी का वित्त वर्ष 2024 में रेवेन्यू 14 प्रतिशत बढ़कर 4,212.21 करोड़ रुपये हो गया, जो वित्त वर्ष 2023 में 3,700.93 करोड़ रुपये था। हालांकि शुद्ध मुनाफा 99 प्रतिशत गिरकर 79 लाख रुपये पर आ गया, जो वित्त वर्ष 2023 में 97.82 करोड़ रुपये था।
एकम्स ड्रग्स एंड फार्मास्यूटिकल्स ने अपने लिस्टेड प्रतिस्पर्धियों से बेहतर प्रदर्शन किया है। इसके कारोबार की सफलता, ऑपरेशनल एफिशिएंसी में निहित है। 21x EV/EBITDA पर वैल्यूएशंस रिच हैं। लॉन्ग टर्म के हिसाब से कंपनी के आईपीओ में निवेश किया जा सकता है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।