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Bajaj Housing Finance: अगला HDFC बन सकती है यह कंपनी? 9 सितंबर को खुलने वाला है IPO

Bajaj Housing Finance IPO: बजाज हाउसिंग फाइनेंस का IPO 9 सितंबर को खुलने वाला है। निवेशक इस आईपीओ से काफी उम्मीदें लगाए बैठे हैं। फिर चाहे वो मजबूत लिस्टिंग गेन या फिर लिस्टिंग के बाद अगला बड़ा मल्टीबैगर बनने की उम्मीद। लेकिन क्या बजाज हाउसिंग फाइनेंस आगे चलकर HDFC जैसी बड़ी कंपनी बन सकता है, आइए जानते हैं

Moneycontrol Newsअपडेटेड Sep 05, 2024 पर 9:37 PM
Bajaj Housing Finance: अगला HDFC बन सकती है यह कंपनी? 9 सितंबर को खुलने वाला है IPO
Bajaj Housing Finance IPO: बजाज हाउसिंग के पास करीब ₹97,000 करोड़ का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट है

Bajaj Housing Finance IPO: क्या बजाज हाउसिंग फाइनेंस अगला HDFC बन सकता है? यह सवाल खुद कंपनी के चेयरमैन के एक बयान से आया है। बजाज हाउसिंग फाइनेंस का IPO 9 सितंबर को खुलने वाला है। यह देश की दूसरी सबसे बड़ी हाउसिंग फाइनेंस कंपनी है। ऐसे में निवेशक इस आईपीओ से काफी उम्मीदें लगाए बैठे हैं। फिर चाहे वो मजबूत लिस्टिंग गेन की उम्मीद हो या फिर लिस्टिंग के बाद अगला बड़ा मल्टीबैगर बनने की उम्मीद। शेयर बाजार में पिछले कुछ समय से जैसा उत्साह का माहौल है उसे देखते हुए इन उम्मीदों को गलत ठहराना भी मुश्किल है। आज के इस वीडियो में हम इसी आईपीओ पर बात करेंगे और जानेंगे कि क्या बजाज हाउसिंग फाइनेंस की वित्तीय सेहत और ग्रोथ संभावनाएं इसे HDFC जैसी बड़ी कंपनी बनने में मदद कर सकती हैं।

बजाज हाउसिंग फाइनेंस की सबसे अच्छी बात यह है कि कंपनी के पास मुनाफे में रहने का एक लंबा ट्रैक रिकॉर्ड है और यह अपनी रणनीति के चलते एक बेहद कॉम्पिटीशन वाले मार्केट में भी लगातार ग्रोथ कर रही है। इसकी पैरेंट कंपनी, बजाज फाइनेंस है, जो देश की सबसे बड़ी NBFC कंपनियों में से एक है। NBFC मतलब नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी। यह इतनी बड़ी कंपनी है कि इसकी बैलेंस-शीट को देखकर कई बैंकों को भी रश्क होता है। अब यह अपनी सब्सिडियरी बजाज हाउसिंग का IPO लेकर आई है और पूरी संभावना है कि इस आईपीओ को सभी कैटेगरी के निवेशकों से मजबूत रिस्पॉन्स मिलेगा।

Bajaj Housing Finance के पास ₹97,000 करोड़ का AUM

IPO डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक, बजाज हाउसिंग के पास करीब 97,000 करोड़ रुपये का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट है और पिछले 5 सालों में यह सालाना 29 फीसदी की दर से बढ़ा है। इसके अलावा, इसका नेट प्रॉफिट भी इस दौरान सालाना 33% की दर से बढ़ा है, जो बताता है कि कंपनी उधार दिए हर दिए रुपये पर उससे अधिक मुनाफा कमा रही है। कंपनी के पास अपनी शाखाओं का एक मजबूत नेटवर्क है, लोन डिस्ट्रिब्यूशन इसने कई पार्टनर्स के साथ समझौते किए हैं और डिजिटल चैनलों पर भी इसकी मजबूत उपस्थित है। यह सब मिलकर कंपनी की ग्रोथ को ताकत देते हैं।

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