Bansal Wire Industries IPO: बंसल वायर इंडस्ट्रीज 3 जुलाई को अपना पब्लिक इश्यू ओपन करने जा रही है। कंपनी का इरादा इससे 745 करोड़ रुपये जुटाने का है। इश्यू की क्लोजिंग 5 जुलाई को होगी और एंकर निवेशक 2 जुलाई को बोली लगा सकेंगे। शेयरों की लिस्टिंग BSE, NSE पर 10 जुलाई को हो सकती है। लिस्टिंग पर घाटा होगा या मुनाफा, इसके संकेत अभी से मिलने लगे हैं। बंसल वायर इंडस्ट्रीज का IPO खुलने से पहले ही कंपनी के शेयर ग्रे मार्केट में ट्रेड कर रहे हैं।
investorgain.com के मुताबिक, शेयर IPO के अपर प्राइस बैंड 256 रुपये से 50 रुपये या 19.53 प्रतिशत के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। इस हिसाब से शेयर की लिस्टिंग 306 रुपये की कीमत पर हो सकती है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां किसी कंपनी के शेयर, स्टॉक मार्केट में लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।
क्या है प्राइस बैंड और लॉट साइज
Bansal Wire Industries IPO के लिए प्राइस बैंड 243-256 रुपये प्रति शेयर और लॉट साइज 58 शेयर तय हुआ है। IPO में केवल नए शेयर जारी होंगे, ऑफर फॉर सेल नहीं होगा। IPO के लिए SBI कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड और डैम कैपिटल एडवायजर्स लिमिटेड बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं। रजिस्ट्रार केफिन टेक्नोलोजिज लिमिटेड है।
स्टील वायर बनाने वाली बंसल वायर इंडस्ट्रीज के प्रमोटर अरुण गुप्ता, अनीता गुप्ता, प्रणव बंसल और अरुण कुमार गुप्ता HUF हैं। वर्तमान में प्रमोटर्स की कंपनी में हिस्सेदारी 95.78 प्रतिशत है। कंपनी की एनसीआर में 4 मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज हैं। 3 फैसिलिटीज गाजियाबाद (यूपी) में और 1 बहादुरगढ़ (हरियाणा) में है। यह 3 खंडों- उच्च कार्बन स्टील वायर, माइल्ड स्टील वायर (कम कार्बन स्टील वायर) और स्टेनलेस स्टील वायर में काम करती हैं।
Bansal Wire Industries IPO के पैसों का कहां होगा इस्तेमाल
पब्लिक इश्यू में नए शेयर जारी करके हासिल हुए पैसों में से कंपनी 452.7 करोड़ रुपये का इस्तेमाल अपना कर्ज चुकाने, 93.7 करोड़ रुपये का इस्तेमाल सब्सिडियरी का कर्ज चुकाने और 60 करोड़ रुपये का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल जरूरतों के लिए करेगी। बाकी बचे पैसे सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए रहेंगे। आईपीओ में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए और बाकी 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।
कंपनी का वित्त वर्ष 2024 में रेवेन्यू 2 प्रतिशत बढ़कर 2,470.89 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यह 2,422.57 करोड़ रुपये रहा था। वित्त वर्ष 2024 में शुद्ध मुनाफा 31 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 78.80 करोड़ रुपये हो गया, जो सालभर पहले 59.93 करोड़ रुपये था।