DEE Piping Systems IPO: पाइपिंग प्रोडक्ट्स बनाने वाली डी पाइपिंग सिस्टम्स के आईपीओ को एंप्लॉयीज का शानदार रिस्पांस मिल रहा है। आज इसका 418 करोड़ रुपये का आईपीओ खुला है और पहले ही दिन इश्यू ओवरसब्सक्राइब हो गया है। सबसे अधिक बोली एंप्लॉयीज के लिए आरक्षित हिस्से को मिली है। ग्रे मार्केट की बात करें तो इसके शेयर आईपीओ के अपर प्राइस बैंड से 80 रुपये यानी 39.41 फीसदी की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर हैं। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल्स के आधार पर पैसे लगाने चाहिए।
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क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB)- 0.02 गुना
DEE Piping Systems IPO को मिला था तगड़ा रिस्पांस
डी पाइपिंग सिस्टम्स के ₹418.01 करोड़ के आईपीओ में 21 जून तक बोली लगा सकेंगे। इस आईपीओ के लिए प्राइस बैंड 193-203 रुपये और लॉट साइज 73 शेयरों का है। एंप्लॉयीज को हर शेयर पर 19 रुपये का डिस्काउंट मिलेगा। आईपीओ का 50 फीसदी हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB), 35 फीसदी नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) और बाकी 15 फीसदी खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित है। आईपीओ की सफलता के बाद शेयरों का अलॉटमेंट 24 जून को फाइनल होगा। इसके बाद BSE और NSE पर 26 जून को एंट्री होगी।
इस आईपीओ के तहत 325 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी होंगे। इसके अलावा 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 45.82 लाख शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री होगी। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिलेगा। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी वर्किंग कैपिटल की जरूरतों, कर्ज चुकाने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
DEE Development Engineers के बारे में
डी डेवलपमेंट इंजीनियर्स कंपनी इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और मैन्युफैक्चरिंग के माध्यम से ऑयल और गैस, पावर (परमाणु सहित), केमिकल्स और अन्य प्रोसेस इंडस्ट्रीज जैसे उद्योगों के लिए स्पेशलाइज्ड प्रोसेस पाइपिंग सॉल्यूशंस उपलब्ध कराती है। यह पाइपिंग प्रोडक्ट्स भी बनाती है। कंपनी की 7 मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी हैं, जिनमें से 3 हरियाणा के पलवल में, 1 गुजरात के अंजर में, 1 राजस्थान के बाड़मेर में, 1 असम के नुमालीगढ़ में और 1 थाइलैंड के बैंकॉक में है। डी डेवलपमेंट को स्थापित क्षमता के मामले में देश में प्रोसेस पाइपिंग सॉल्यूशन में सबसे बड़ी कंपनी माना जाता है।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2021 में इसे 14.21 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था। अगले वित्त वर्ष 2022 में इसका मुनाफा गिरकर 8.20 करोड़ रुपये पर आ गया लेकिन अगले ही वित्त वर्ष 2023 में यह बढ़कर 12.97 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू सालाना 9 फीसदी से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर 614.32 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2023-24 की बात करें तो अप्रैल-दिसंबर 2023 में इसे 14.34 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा और 557.86 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल हो चुका है।