Harsha Engineers के शेयरों का आज अलॉटमेंट, ग्रे मार्केट से लिस्टिंग को लेकर मिल रहे ये संकेत
Harsha Engineers Allotment: हर्षा इंजीनियर्स इंटरनेशनल के शेयरों का अलॉटमेंट आज फाइनल हो सकता है। ग्रे मार्केट में भाव कुछ कमजोर हुए हैं लेकिन अभी भी शानदार लिस्टिंग के संकेत मिल रहे हैं
हर्षा ग्रुप की हर्षा इंजीनियर्स इंटरनेशनल भारत में ऑर्गेनाइज्ड सेक्टर में रेवेन्यू के हिसाब से प्रेसिशन बेयरिंग केज बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी है।
Harsha Engineers Allotment: प्रेसिशन बेयरिंग्स बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी हर्षा इंजीनियर्स इंटरनेशनल (Harsha Engineers International) के शेयरों का अलॉटमेंट आज 21 सितंबर को फाइनल हो सकता है। अलॉटमेंट फाइनल होने के बाद अपने एप्लीकेशन का स्टेटस इश्यू के रजिस्ट्रार लिंक इनटाइम और बीएसई की साइट पर जाकर देख सकते हैं। शेयरों की लिस्टिंग 26 सितंबर को है।
ग्रे मार्केट की बात करें तो यहां भी रूझान पॉजिटिव दिख रहा है. हालांकि ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) में कुछ गिरावट हुई है। कुछ समय पहले इसकी जीएमपी 238 रुपये थी जो अब गिरकर 180 रुपये रह गई है। हालांकि अभी भी यह प्राइस बैंड के अपर प्राइस के हिसाब से प्रीमियम भाव पर है। इसके मुताबिक हर्षा इंजीनियरिंग के शेयर 510 रुपये यानी 55 फीसदी प्रीमियम पर लिस्ट हो सकते हैं। इसके आईपीओ के लिए प्राइस बैंड 314-330 रुपये था।
यहां तीन विकल्प दिखेगा- पैन, एप्लीकेशन नंबर और डीपी क्लाइंट आईडी। इनमें से कोई एक विकल्प सेलेक्ट करें।
अगर पैन चुना है तो आईपीओ चुनकर पैन भरें। अगर एप्लीकेशन नंबर चुना है तो एप्लीकेशन नंबर भरें और अगर डीपी क्लाइंट आईडी चुना है तो डिपॉजिटरी क्लाइंट आईडी भरें।
कैप्चा भरकर सबमिट करें.
आपके एप्लीकेशन का स्टेटस दिखने लगेगा यानी कि कितने शेयरों के लिए आपने अप्लाई किया था और कितना अलॉट हुआ है, इसकी पूरी डिटेल्स स्क्रीन पर दिखने लगेगी।
हर्ष इंजीनियर्स का 755 करोड़ रुपये का आईपीओ 14-16 सितंबर के बीच खुला था। इसके तहत 455 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी होंगे और 300 करोड़ रुपये के शेयरों की ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) विंडो के तहत मौजूदा शेयरधारक बिक्री करेंगे। इश्यू के लिए 314-330 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड और लॉट साइज 45 शेयर था। एलिजिबल कर्मियों को 31 रुपये प्रति शेयर के डिस्काउंट पर शेयर मिलेंगे।
इसे निवेशकों की शानदार प्रतिक्रिया मिली थी और सबसे अधिक क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बॉयर्स के लिए आरक्षित हिस्सा सबसक्राइब हुआ था। क्यूआईबी का हिस्सा 178.26 गुना, एनआईआई (नॉन-इंस्टीट्यूनल इंवेस्टर्स) का 71.32 गुना, खुदरा निवेशकों का 17.63 गुना और कर्मियों का 12.07 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में 270 करोड़ रुपये से कर्ज चुकाया जाएगा। इसके अलावा 77.95 करोड़ रुपये का इस्तेमाल मशीनरी खरीदने और 7.12 करोड़ रुपये इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी मरम्मत और मौजूदा फैसिलिटीज के रिनोवेशन और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में किया जाएगा।
घरेलू ब्रोकरेज और रिसर्च फर्म आईसीआईसीआई डायरेक्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2020-22 में कंपनी का रेवेन्यू 22.1 फीसदी, ईबीआईटीडीए 40.2 फीसदी और शुद्ध मुनाफा (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) 104.9 फीसदी की सीएजीआर (कंपाउंडर एनुअल ग्रोथ रेट) से बढ़ा। मौजूदा आर्थिक माहौल बेयरिंग स्पेस में मांग को देखते हुए ब्रोकरेज फर्म के एनालिस्टों का मानना है कि इसका कारोबार आगे भी ग्रोथ करेगा। ऐसे में आईसीआईसीआई डायरेक्ट ने इसे सब्सक्राइब की रेटिंग दी थी। इसमें निवेश को लेकर रिस्क की बात करें तो आईसीआईसीआई डायरेक्ट के मुताबिक विदेशी करेंसी के भाव में उतार-चढ़ाव और वैश्विक स्तर पर सुस्ती का असर इसके कारोबार पर दिख सकता है।
हर्षा ग्रुप की हर्षा इंजीनियर्स इंटरनेशनल भारत में ऑर्गेनाइज्ड सेक्टर में रेवेन्यू के हिसाब से प्रेसिशन बेयरिंग केज बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी है। इसका कारोबार पांच महाद्वीप के 25 से अधिक देशों में फैला हुआ है। इसका कारोबार इंजीनियरिंग और सोलर ईपीसी, दो सेग्मेंट में है।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो इसका रेवेन्यू और शुद्ध मुनाफा लगातार बढ़ा है। इसका शुद्ध मुनाफा वित्त वर्ष 2022 में सालाना आधार पर 45.44 करोड़ रुपये से बढ़कर 91.94 करोड़ और रेवेन्यू 876.73 करोड़ रुपये से उछलकर 1339 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
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