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HURL IPO: हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड की FY27 में ही हो सकती है लिस्टिंग, ₹6000 करोड़ तक जुटाने की तैयारी

HURL IPO: हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड 15 जून, 2016 को इनकॉरपोरेट हुई थी। यह कोल इंडिया, NTPC, और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड का जॉइंट वेंचर है। उर्वरक विभाग ने अक्टूबर 2022 में प्रमुख प्रमोटर्स को विनिवेश की संभावना तलाशने का निर्देश दिया था

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड May 10, 2026 पर 9:59 AM
HURL IPO: हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड की FY27 में ही हो सकती है लिस्टिंग, ₹6000 करोड़ तक जुटाने की तैयारी
HURL का वित्त वर्ष 2024-25 में शुद्ध मुनाफा 1.38 लाख करोड़ रुपये रहा।

हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (HURL) चालू वित्त वर्ष 2026-27 में अपना IPO ला सकती है। कंपनी के अपनी 10-11 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर 5,000-6,000 करोड़ रुपये जुटाने की संभावना है। यह बात मनीकंट्रोल को मामले की जानकारी रखने वाले एक आधिकारिक सूत्र से पता चली है। सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के एसेट्स में मोनेटाइजेशन पर जोर दे रही है। सरकार ने फरवरी में नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन का दूसरा चरण शुरू किया था। इसका लक्ष्य 2030 तक 16.73 लाख करोड़ रुपये के एसेट्स को मोनेटाइज करना है।

सूत्र के मुताबिक, "योजना यह है कि एसेट मोनेटाइजेशन रोडमैप के हिस्से के तौर पर चालू वित्त वर्ष के अंदर HURL का IPO लाया जाए। इसके तहत कुल 10-11% हिस्सेदारी बेचकर 5,000-6,000 करोड़ रुपये जुटाए जाएंगे।" हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड 15 जून, 2016 को इनकॉरपोरेट हुई थी। यह कोल इंडिया लिमिटेड (CIL), NTPC लिमिटेड (NTPC) और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) का एक संयुक्त उद्यम यानि​ कि जॉइंट वेंचर है। इनमें से हर कंपनी की HURL में 29.67 प्रतिशत हिस्सेदारी है, यानि कि 89 प्रतिशत इक्विटी शेयर।

इसके अलावा, फर्टिलाइजर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (FCIL) और हिंदुस्तान फर्टिलाइजर कॉरपोरेशन लिमिटेड (HFCL) के पास बाकी की 11 प्रतिशत हिस्सेदारी है। यह हिस्सेदारी उन्हें उनकी इस्तेमाल योग्य संपत्तियों, अवसर लागत (opportunity cost) और उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में स्थित 3 प्लांट लोकेशंस पर पट्टे (lease) के आधार पर जमीन के इस्तेमाल के बदले दी गई है।

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