LIC IPO : LIC की एम्बेडेड वैल्यू 30 सितंबर, 2021 को अनुमानित रूप से 5.39 लाख करोड़ रुपये है। वर्तमान में निजी बीमा कंपनियां अपनी एम्बेडेड वैल्यू की तुलना में 3-4 गुने के मल्टीपर ट्रेड करती हैं। हालांकि, एम्बेडेड वैल्यू कई धारणाओं पर आधारित अनुमानित वैल्यू है और एक बीमा कंपनियों के लिए मल्टीपल कई गुणों से जुड़े फैक्टर्स के आधार पर अलग-अलग हो सकते हैं।
इसके आकार को देखते हुए, नए बिजनेस प्रीमियम में 66 फीसदी मार्केट शेयर के साथ बाजार में LIC का वर्चस्व है। इसकी ग्रोथ रेट कुछ ज्यादा सक्रिय निजी बीमा कंपनियों से मेल नहीं खा सकती।
18.7 लाख करोड़ रुपये तक हो सकती है वैल्युएशन
एम्बेडेड वैल्यू के 2-3.5 के मल्टीपल पर कॉरपोरेशन की वैल्युएशन 10.7 लाख करोड़ रुपये से 18.7 लाख करोड़ रुपये की रेंज में हो सकती है। 623 करोड़ शेयर की कुल इक्विटी कैपिटल के आधार पर, 5 फीसदी ऑफर फॉर सेल के लिए इश्यू साइज 53,500 करोड़ से 93,625 करोड़ रुपये के बीच हो सकता है।
इस प्रकार, प्रति शेयर मूल्य 1,693 से 1,2962 रुपये के बीच हो सकता है। इसकी तुलना में, सरकार की शेयरों की औसत अधिग्रहण लागत 0,16 रुपये थी, क्योंकि IPO से पहले LIC पूंजीगत बदलाव से गुजरी है।
100 करोड़ रुपये थी LIC की शुरुआती पूंजी
गठन के समय LIC की शुरुआती पूंजी 100 करोड़ रुपये थी। LIC की स्थापना के समय इसे एक पब्लिक लिमिटेड कंपनी बनाने की कल्पना नहीं की गई थी, इसलिए किसी प्रकार के शेयर का आवंटन नहीं किया गया था। पब्लिक इश्यू से पहले शेयरहोल्डर्स के साथ कॉरपोरेशन को एक कॉरपोरेट स्ट्रक्चर में बदलने के लिए, कॉरपोरेशन की शुरुआत के दौरान सरकार द्वारा लगाई गई 100 करोड़ रुपये की मूल पूंजी को 10 रुपये की फेस वैल्यू के शेयरों के आवंटन के द्वारा शेयर कैपिटल में बदल दिया गया था।
इस तरह आवंटित किए थे शेयर
सितंबर, 2021 में कॉरपोरेशन ने LIC के बहीखाते में 31 मार्च, 2020 में फ्री रिजर्व के बदले में उसी फेस वैल्यू पर अतिरिक्त 62.24 करोड़ इक्विटी शेयर आवंटित किए।
फिर, वित्त वर्ष 2020 और 2021 के लिए भारत सरकार के सरप्लस शेयर के एवज में उसी फेस वैल्यू के 560 करोड़ अन्य इक्विटी शेयर आवंटित किए गए थे। LIC की कुल पूंजी अब 6,324 करोड़ रुपये के स्तर पर है।